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Fake Doctor Case: बीएएमएस की फर्जी डिग्री बेचने वाले दोनों भाइयों पर गैंगस्टर का मुकदमा, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 10 Jan 2024 10:02 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 10 Jan 2024 10:02 PM IST
सार

पिछले साल जनवरी में एसटीएफ ने एक आरोपी इमरान और दो फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से बीएएमएस की फर्जी डिग्री और भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के प्रमाणपत्र पाए गए थे।

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Dehradun Fake Doctor Case Gangster case against two brothers who sold fake BAMS degree
फर्जी डॉक्टर - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

फर्जी डिग्री बेचकर लोगों को आयुर्वेदिक डॉक्टर बनाने वाले मुजफ्फरनगर के दो भाइयों पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी मुजफ्फरनगर में एक कॉलेज चलाते हैं। जिसकी मान्यता उन्होंने दक्षिण भारत के एक विश्वविद्यालय से दर्शायी हुई है।

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गौरतलब है कि पिछले साल जनवरी में एसटीएफ ने एक आरोपी इमरान और दो फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से बीएएमएस की फर्जी डिग्री और भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के प्रमाणपत्र पाए गए थे। इसके बाद जिला स्तर पर बनाई गई एसआईटी ने इसकी जांच की।
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जांच में परिषद के कई कर्मचारियों के नाम भी सामने आए थे। एक के बाद एक करीब 50 से ज्यादा फर्जी तरीके से प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के नाम सामने आए। इस मामले में पुलिस करीब 15 से ज्यादा डॉक्टरों को गिरफ्तार कर चुकी थी।

पता चला था कि मुख्य आरोपी इमरान का भाई इमलाख है। उसने डिग्री छापने के लिए एक प्रिंटिंग प्रेस भी बनाई हुई है। पुलिस ने इस प्रेस को भी सील कराया था। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कई अन्य अपराधों में भी मुकदमे दर्ज हैं।

आरोपियों के खिलाफ अब गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि परिषद के कर्मचारियों के खिलाफ विवेचना पर न्यायालय ने रोक लगाई हुई है। लिहाजा, उनका नाम अभी गैंगस्टर एक्ट में शामिल नहीं किया गया है।

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