सेवायोजन कार्यालय का हाल: प्रतिदिन मिल रहे सिर्फ 50 टोकन, रोजाना बैंरंग लौटते हैं युवा
- पंजीयन काउंटर पर रोज उमड़ती है भीड़, सर्वर ठप होने की समस्या भी है आम
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जिला सेवायोजन कार्यालय में सीमित टोकन व्यवस्था के कारण अभ्यर्थियों को खासी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय में प्रतिदिन 50 लोगों के ही सेवायोजन पंजीयन की व्यवस्था है। शेष लोगों को सीमित टोकन होने का हवाला देकर बैरंग लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में दूर दराज से आने वाले युवाओं को अनावश्यक भाग दौड़ करनी पड़ती है। अभ्यर्थियों की यही परेशानी जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
सुबह पौने दस बजे
सेवायोजन कार्यालय खुलने से पहले ही कुछ युवा मुख्य गेट के बाहर खड़े थे। युवक डोईवाला से सेवायोजन कार्यालय में पंजीयन कराने पहुंचे थे। युवकों ने बताया कि उन्हें सरकारी सेवा के लिए आवेदन करना है। 10 बजे कार्यालय खुलने पर अधिकारी-कर्मचारी पहुंचे। इस बीच पंजीयन काउंटर पर करीब 15 युवक लाइन में लग चुके थे। इसके बाद लगातार युवाओं की कतार बढ़ती जाती है।
11:30 बजे
काउंटर पर खासी भीड़ जमा हो चुकी थी। परिसर में एक कुर्सी पर बैठे डोईवाला के सुशील कुमार ने बताया कि सेवायोजन कार्यालय में पंजीयन व्यवस्था का बुरा हाल है। बेटी का पंजीयन कराने दूसरी बार आया हूं। पिछले हफ्ते टोकन खत्म होने के कारण लौटा दिया था। टोकन सिस्टम बिल्कुल बेकार है। एक दिन के लिए 50 टोकन कोई मायने नहीं रखते। बगल में बैठीं प्रेमनगर निवासी कामिनी शर्मा भी दूसरी बार पहुंची थीं। उन्हें बेटे का पंजीयन कराना था। कामिनी ने बताया कि पिछली बार स्टाफ ने टोकन खत्म होने का हवाला देकर लौटा दिया।
दोपहर 12:30 बजे
इंटरनेट सेवा अचानक ठप हो गई। काउंटर पर बैठे बाबू ने सर्वर ठप होने की बात कही। 40 मिनट तक लाइन में खड़े महेश ने बताया कि इसी दौरान सीमित टोकन की बात कहकर लौटा दिया गया। इसके बाद महेश के पीछे लाइन में खड़े 6-7 युवाओं को भी वापस लौटना पड़ा।
मैं रानीपोखरी से आया हूं। सुबह 9:45 बजे से कार्यालय पहुंच गया था। एक बजे नंबर आया। पिछली बार भी आया था, लेकिन पंजीयन नहीं हो पाया था।
- सुमित पुंडीर, रानीपोखरी
टोकन सिस्टम से लोगों को दिक्कत हो रही है। मैं पिछली बार आया तो टोकन खत्म बताकर लौटा दिया। आज काम हो पाया।
- प्रवीन मिश्रा, डांडी
आवेदन से वंचित होने का खतरा
सेवायोजन कार्यालय पहुंचे मुकेश कुमार ने कहा कि वह हाईकोर्ट में निकली भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं, लेकिन उनका सेवायोजन पंजीयन नहीं है। पंजीयन के लिए दूसरी बार आना पड़ा है। आज पंजीयन स्लिप लेने आए हैं।
मैं अभी अवकाश पर हूं। कार्यालय में पहुंचकर इस बारे में जानकारी लूंगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
-ममता चौहान, क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी