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ऑनलाइन भी बेचे-खरीदे जा रहे डॉगी और पपी, करोड़ों का है कारोबार, मिलती है मुंहमांगी कीमत

Mon, 17 Dec 2018 05:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 17 Dec 2018 05:00 AM IST
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Dehradun Dog Show 2018 online Trade for puppy sell and purchase
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डॉग ब्रीडिंग का कारोबार करोड़ों रुपये सालाना का है। इनको बेचने और खरीदने के लिए बाकायदा एक अलग बाजार है। यही नहीं, ऑनलाइन भी डॉगी और पपी खरीदे-बेचे जाते हैं। ज्यादातर डॉग ब्रीडिंग कराने वाले लोग इससे जुड़े हुए हैं। अच्छी नस्लों के पपी की बाजार में हमेशा मांग रहती है, जिनके शौकीन मुंहमांगी कीमत देने को तैयार रहते हैं। 

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डॉगी की ब्रीडिंग का कारोबार मुख्यत: दो भागों में बंटा हुआ है। कुछ लोग डॉगी की ब्रीडिंग कराकर लोगों को घर-परिवार में रखने या सुरक्षा के लिए पपी बेचते हैं। इस तरह के पपी मुख्य तौर पर लोग जरूरत के हिसाब से खरीदते हैं। वहीं, कुछ लोग केवल डॉग शो, प्रदर्शनी या शौक के लिए पपी खरीदते हैं।
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उन पपी की कीमत बहुत ज्यादा होती है। प्रदेश में दोनों ही तरह की ब्रीडिंग बड़े पैमाने पर की जाती है। राजधानी दून के साथ ही हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर में भी बड़े पैमाने पर डॉग ब्रीडिंग होती है। 

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हर खिताब से बढ़ती है पपी की कीमत

डॉग शो में प्रतिभाग करने और जीतने वाले डॉगी के पपी की कीमत सामान्य पपी से कई गुना अधिक होती है। विशेषकर किसी भी श्रेणी में जीतने वाले डॉगी के पपी की कीमतों में इजाफा हो जाता है।

सहारनपुर के विकास गुप्ता ने बताया कि ठीक स्तर का डॉग शो जीतने वाले डॉगी के पपी की कीमत में 50 हजार से एक लाख रुपये तक का इजाफा हो जाता है। डॉग ब्रीडिंग से जुड़े कारोबारियों के अनुसार किसी भी नस्ल के पपी की कोई कीमत तय नहीं है।

अलग-अलग है पसंद 

अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की डॉगी की पसंद भी अलग है। महिलाओं और बच्चों को जहां पग, चिवावा, शिह्टजू, मिनिएचर फिंश्चर, पमेरियन, बीगल जैसी नस्लों के डॉगी पसंद आते हैं, वहीं युवाओं को जर्मन शेफर्ड, रोट वायलर, बॉक्सर, ग्रेट डेन, शेंट बनार्ड, बुल मेस्टिफ, अकीता, साइबेरियन हस्की, अफगान हाउंड जैसी नस्लें ज्यादा लुभाती हैं। आमतौर पर परिवार के साथ या घर की सुरक्षा के लिए लोग लेब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, तिब्बतियन मेस्टिफ, पमेरियन जैसी मिली-जुली नस्लों को ही पसंद करते हैं।  

पंजीकरण कराना अनिवार्य  
डॉग ब्रीडिंग से पहले कई जगह पंजीकरण करवाना अनिवार्य होता है। नगर निगम में पंजीकरण करवाना होता है। डॉग शो के हिसाब की ब्रीडिंग के लिए कैनल क्लब ऑफ इंडिया में भी पंजीकरण करवाना होता है। वहीं, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया में भी पंजीकरण करवाना आवश्यक होता है। 

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