फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dehradun DM complets one year of his term

देहरादून के डीएम इन मामलों में रहे नाकाम

Tue, 12 Nov 2013 01:58 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 12 Nov 2013 01:58 PM IST
विज्ञापन
dehradun DM complets one year of his term

सात नवंबर 2013 को बीवीआरसी पुरुषोत्तम को दून का डीएम बने एक साल पूरा हो गया है। एक साल में उनके खाते में जहां कई उपलब्धियां हैं वहीं तमाम नाकामियां भी जुड़ी हैं।

विज्ञापन


पढ़ें, एक साल तक टिहरी बांध की झील में चलेंगी 'मुफ्त' बोट
विज्ञापन


आम जनता कहती है कि इन्होंने जनहित का कोई ऐसा कार्य नहीं किया जिसे याद किया जा सके। हालांकि वह कोशिश करते नजर आए लेकिन अधिकतर प्रयास परवान नहीं चढ़े। आपदा में बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित जरूर किये गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभियान में बैकफुट पर आना पड़ा

जिलाधिकारी ने पिछले साल पद भार ग्रहण करने के बाद जो वादे किए थे, उनमें से कई पूरे किए, लेकिन कई अधूरे रह गए। पॉलीथिन के खिलाफ चलाए गए अभियान में उन्हें बैकफुट पर आना पड़ा, जिसका नतीजा रहा कि शहर में पालीथिन पर प्रतिबंध पूरी तरह से नहीं लग पाया।

हालांकि, जून माह में अचानक आई आपदा के कारण उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं। राजधानी का डीएम होने की वजह से उस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद लागू की गई खाद्य सुरक्षा योजना का सर्वे अभी तक नहीं करा पाए।

पढ़ें, मॉर्निंग वॉक पर मिले हाथी तो उसे न कहें 'गुड मॉर्निंग'


पिछले माह में शुरू होने वाले मतदाता अभियान को आज तक शुरू नहीं करा पाए। राजधानी में आए दिन विभिन्न संगठन हड़ताल पर चले जाते हैं। उनके निस्तारण में भी डीएम की भूमिका उल्लेखनीय नहीं रहती है।

डीएम की उपलब्धियां
- गोल्डन फॉरेस्ट की जमीनों की गड़बड़ी पर अंकुश लगाया
- वर्षों से लंबित पड़ी जमीन घोटालों की जांचें पूरी कराई
- जमीन घोटालों को लेकर दस के खिलाफ मुकदमा कराया
- स्टेशन के पास यू टर्न बनाकर ट्रैफिक व्यवस्था ठीक की
- ऋषिकेश, विकासनगर, सहसपुर में जेनेरिक दवा केंद्र खुलवाया
- आपदा के दौरान वीआईपी मूवमेंट को ठीक तरह से संभाला
- राइट टू एजेकुशन को 60 से 95 प्रतिशत तक पहुंचाया
- मनरेगा का खर्च नौ से बढ़ाकर 16 करोड़ तक पहुंचाया
- शहर की पुरानी तहसील को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कराया
- आढ़त बाजार को चौड़ा कराने में एमडीडीए की मदद की

भविष्य के कार्ययोजना
कलक्ट्रेट और तहसीलों को आनलाइन करने की योजना है। मुख्य फोकस इसी संबंध में रहेगा। यदि ऐसा हो गया तो लोगों को तहसील और कलक्ट्रेट के चक्कर काटने से राहत मिलेगी।
- बीवीआरसी पुरुषोत्तम, जिलाधिकारी

झेलना पड़ा सियासी दबाव
जिलाधिकारी को सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के दौरान सियासी दबाव का सामना करना पड़ा। कई मामलों में प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पाया। इससे निपटने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए क्लिक करें---

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed