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देहरादून : साडा क्षेत्र का भी बनेगा डिजिटल मास्टर प्लान, शासन को भेजा पत्र
Sat, 18 Jan 2020 02:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
सुनीत द्विवेदी , अमर उजाला, देहरादून
सुनीत द्विवेदी , अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 18 Jan 2020 02:45 PM IST
सार
- एमडीडीए में विलय होने के बाद अधिकारियों ने उठाया कदम
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विस्तार
राजधानी में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अब विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के मास्टर प्लान का भी डिजिटलाइेजशन करेगा। छह माह के भीतर इसे लागू करने का दावा किया जा रहा है। एमडीडीए ने इसके लिए शासन को पत्र भेज दिया है। जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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साडा का एमडीडीए में विलय होने के बाद से शहर का विस्तार अब साडा के क्षेत्र में हो रहा है। उसके बाद से प्रॉपर्टी डीलरों, बिल्डरों और माफिया की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हैं। लेकिन, एमडीडीए अवैध निर्माण पर अंकुश और लोगों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए मास्टर प्लान को डिजिटल बनाने जा रहा है। बता दें कि साडा का मास्टर प्लान-2031 वर्ष 2016 में लागू हो चुका है।
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साडा का मास्टर प्लान पहली बार 1993 में बना था। यह प्लान 2001 तक के लिए बनाया गया था। लेकिन उसके बाद से इसे प्रशासनिक आधार पर पिछले कई सालों से बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक डिजिटल मास्टर प्लान के तहत डिजिटल मैप को राजस्व के मैप से ओवरलैप कराकर लैंडयूज के बारे में आसानी से जानकारी हासिल की जा सकेगी।
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ये है एमडीडीए में शामिल साडा का क्षेत्र
विकासनगर, ऋषिकेश, सेलाकुई, डाकपत्थर, हरबर्टपुर, डोईवाला, जौलीग्रांट, लालतप्पड़, रानीपोखरी, भोगपुर, थानो, भानियावाला, धनोल्टी, कैम्पटी फॉल आदि।
यह होगा लाभ
साडा क्षेत्र के डिजिटल मास्टर प्लान में ज्योग्राफिक इंफॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) सेटेलाइट सर्वे, जीआईएस पोर्टल का प्रयोग होगा। जिसके जरिये जमीन का खसरा नंबर डालते ही उसके लैंडयूज समेत अन्य जानकारी तुरंत मिल सकेगी। साथ ही जमीन कहां है? उसकी तस्वीर भी दिखाई देगी। इससे जमीन की धोखाधड़ी पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
एमडीडीए साडा क्षेत्र के बनाए गए मास्टर प्लान को भी डिजिटल कर रहा है। स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेज दिया है। इसका फायदा डिपार्टमेंट के साथ-साथ पब्लिक को भी होगा।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष, एमडीडीए