देहरादूनः भोपालपानी पुल के बाद अब बड़ासी पुल की सड़क में भी दरार, जांच के आदेश
- रिटेनिंग वॉल धंसी, पिल्लर बनाकर दिया जा रहा है सपोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चार इंजीनियरों के सस्पेंशन और डिमोशन के लिए जिम्मेदार भोपालपानी पुल के बाद अब बड़ासी पुल में भी दरार आ गई है। इसका एक हिस्सा दरक रहा है। कार्यदायी एजेंसी ने दरक रही रिटेनिंग वॉल को सपोर्ट देने के लिए पिल्लर बनाने का काम युद्ध स्तर शुरू कर दिया है। ये दोनों पुल रायपुर थानो मार्ग के बीच हैं और करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए हैं।
लेकिन लोक निर्माण विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ने भोपालपानी पुल को लेकर रायपुर थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दी है। तहरीर में कहा गया है कि वहां बिना अनुमति के पुल के पहुंच मार्ग और सड़क के किनारे आए गेप को भरा जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पुल की जांच में चार इंजीनियरों को सस्पेंड व डिमोट किया जा चुका है और इसकी जांच जारी है।
उधर, बड़ासी पुल में दरार को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पूछे जाने पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। लेकिन ग्राउंड जीरो पर कहानी कुछ और कह रही है। रायपुर से भोपालपानी पुल के बाद बड़ासी में भी नया पुल बनाया गया है। ये पुल यातायात के लिए खुला है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट और ऋषिकेश जाने के लिए ये मार्ग खासा अहम है।
मार्ग पर बने इस पुल की लागत करोड़ों में है। रायपुर की दिशा से थानों की ओर जाते समय पुल की शुरुआत में ही एक हिस्से में रिटेनिंग वॉल को सपोर्ट देने के लिए पिल्लर बनाने का कार्य चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रिटेनिंग वॉल वाली दिशा की ओर सड़क में दरार भी आई है। काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से कार्य कर रहे हैं।
भोपालपानी और बड़ासी पुल के जांच के आदेश
अपर मुख्य सचिव (लोनिवि) ओम प्रकाश ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए रायपुर-थानो मार्ग पर बने भोपालपानी और बड़ासी पुल के जांच के आदेश दिए हैं। तकनीकी सलाहकार आरपी भट्ट को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है। विभाग के प्रमुख अभियंता (ईएनसी) से भी पुलों के बारे में प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है।
अमर उजाला ने शुक्रवार ‘भोपालपानी पुल के बाद बड़ासी पुल की सड़क में भी आई दरार’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर के अनुसार, रायपुर थानो मार्ग पर बने बड़ासी पुल की सड़क में दरार आने और रिटेनिंग/ एप्रोच वॉल को सपोर्ट देने के लिए पिलर लगाने का खुलासा किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए एसीएस ने जांच के आदेश दे दिए। तकनीकी सलाहकार को स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया है। अपर मुख्य सचिव का कहना है कि पुल की मरम्मत को लेकर शासन को जानकारी नहीं है। उन्होंने इसे गंभीर माना है।
इससे पूर्व एक शिकायत पर भोपालपानी पुल को लेकर रायपुर थाने में तहरीर दी जा चुकी है। ये रिपोर्ट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जीत सिंह रावत ने दी है। रिपोर्ट में भी कुछ अज्ञात लोगों द्वारा बिना विभागीय अनुमति के पुल की मरम्मत करने का जिक्र है। अब दोनों पुलों की स्थलीय जांच के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
एक्जीक्यूटिव इंजीनियर का दरार से इनकार
एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जीत सिंह रावत ने कहा कि बड़ासी पुल में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है। पुल निर्माण का बांड भी अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने पुल में दरार होने से भी साफ इनकार किया। अलबत्ता उन्होंने भोपालपानी पुल को लेकर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर देने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि भोपालपानी पुल की जांच चल रही है।
पुल बना दिए पर कोई बोर्ड नहीं लगाया
रायपुर थानो मार्ग पर करोड़ों की लागत से तीन पुलों का निर्माण किया गया है। लेकिन सार्वजनिक सूचना के लिए किसी कार्यदायी एजेंसी ने पुल से संबंधी सूचना को लेकर कोई बोर्ड नहीं लगाया है। इसलिए पुलों के बारे में नागरिकों को कोई जानकारी नहीं है कि वे किस योजना से बने हैं, उनकी लागत क्या है और उनका निर्माण करने वाली कार्यदायी एजेंसी कौन है?
मुझे भोपालपानी पुल के बारे में जानकारी है। बड़ासी पुल के बारे में मुझे नहीं पता कि वहां कोई कार्य चल रहा है। विभाग की इजाजत के बिना किसी भी पुल पर मरम्मत कार्य नहीं किया जा सकता। हो सकता है कि ये मामला डोईवाला एनएच डिविजन के संज्ञान में हो। मैं इस मामले के बारे में जानकारी लूंगा।
- हरिओम शर्मा, ईएनसी, लोनिवि