देहरादूनः बाल श्रम की सूचना पर अनु. सचिव के घर पर मारा छापा, बच्ची बरामद
- बाल आयोग की टीम ने दर्ज कराया मुकदमा
- बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा आयोग को लगातार मिल रही थी शिकायत
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बाल आयोग ने बाल श्रम की शिकायत पर शनिवार को अनु सचिव राजस्व प्रेम प्रकाश आर्य के आवास से एक बच्ची को बरामद किया है। बच्ची को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। वहीं आरोपी के खिलाफ बसंत विहार थाने में बाल श्रम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के मुताबिक आयोग को अनु सचिव राजस्व के आवास पर बाल श्रम होने की शिकायतें मिल रही थी। सोशल मीडिया में भी इस तरह की शिकायत पर शनिवार को आयोग की टीम ने अनु सचिव के मिलन विहार जीएमएस रोड स्थित आवास पर पहुंची। टीम ने आवास से एक बारह वर्षीय बच्ची को बरामद किया है।
रिश्तेदार की बेटी है बच्ची
आरोप है कि बच्ची से लगातार पिछले दो सालों से बाल श्रम कराया जा रहा था, हालांकि पूछताछ में बच्ची ने बताया कि वह पिछले एक साल से यहां है। बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी के मुताबिक आरोपी का कहना है कि बच्ची उसके रिश्तेदार की बेटी है। जबकि पता चला है कि बच्ची आरोपी के गांव की है।
बच्ची कुमाऊं मंडल के एक गांव की रहने वाली है। बाल आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक सुरेश उनियाल की ओर से आरोपी संयुक्त सचिव के खिलाफ बसंत विहार थाने में बाल श्रम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। बच्ची को बरामद करने वाली टीम में श्रम निरीक्षक पिंकी टम्टा, उप निरीक्षक वाईए यादव, दीपिका, केएन असवाल आदि शामिल रहे।
बाल श्रम का आरोप झूठा है। बच्ची मेरे दूर के रिश्तेदार की बेटी है जो पढ़ाई के लिए यहां आई हुई है। वह सरकारी स्कूल में पढ़ती है। - प्रेम प्रकाश आर्य, अनु सचिव