देहरादून बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण: सामने आया बेरहम स्कूल प्रबंधन का एक और कड़वा सच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण में स्कूल प्रबंधन की बेरहमी के किस्से रह रहकर सामने आ रहे हैं। छात्रा को दिन में ही नहीं, बल्कि आधी रात को भी हॉस्टल से बुलाकर डराया धमकाया जा रहा था। यह सब बात बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट में सामने आई हैं।
दरअसल, गत 16 सितंबर को पुलिस ने बाल कल्याण समिति और प्रशासन के साथ जाकर स्कूल में छापा मारा था। समिति ने यह रिपोर्ट 30 सितंबर को तैयार कर ली थी।
सबसे पहले बाल कल्याण समिति ने ही छात्रा से बात की। छात्रा से पदाधिकारी कई घंटे तक घटना के बारे में पूछते रहे, लेकिन वह कुछ भी बताने से इंकार करती रही। इसके बाद जब डायरेक्टर और अन्य लोगों को वहां से बाहर किया गया तो छात्रा ने आपबीती बताई।
रात करीब 12.10 बजे छात्रा को डायरेक्टर रूम में बुलाया गया
छात्रा की बातों से पता चला कि 14 सितंबर को रात करीब 12.10 बजे उसे डायरेक्टर रूम में बुलाया गया और चुप रहने के लिए धमकाया गया।
इसके बाद डायरेक्टर व अन्य अधिकारी छात्रा को लेकर 16 सितंबर को चिकित्सक के पास गए। वहां से दवाओं का पर्चा लिया और बाजार से दवाएं खरीदी। डायरेक्टर ने खुद छात्रा के कमरे में जाकर उसे दवाएं खिलाई। इसके अलावा भी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई बातों का जिक्र किया है।
सिक्योरिटी के बिना लगता था डर
हॉस्टल में सिक्योरिटी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। पूछताछ में पीड़ित छात्रा और अन्य छात्राओं ने समिति के पदाधिकारियों को बताया कि उन्हें हॉस्टल में काफी डर लगता है। यहां कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं है। हॉस्टल में भी कोई कर्मचारी अंदर नहीं सोता है, इसलिए उन्हें कमरों में भी डर लगता है।
आज बोर्डिंग स्कूल भेजेगा सीबीएसई को सूची
भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल शुक्रवार को सीबीएसई को छात्रों की सूची सौंपेगा। इसके सूची को दिल्ली स्थित मुख्य कार्यालय भेजा जाएगा। इसी आधार पर 9वीं से 12वीं तक के छात्रों पर फैसला होगा।
बीते दिनों भाऊवाला स्थित एक बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सीबीएसई ने स्कूल की मान्यता खत्म कर दी थी। स्कूल की मान्यता आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को रोकते हुए शुल्क वापसी भी शुरू कर दी गई थी। सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बोर्डिंग स्कूल से 9वीं से 12वीं तक के सभी छात्रों का पूरा डाटा मांगा था।
स्कूल को पांच अक्तूबर तक यह डाटा उपलब्ध कराना था। शुक्रवार को स्कूल की ओर से छात्रों का पंजीकरण संख्या व अन्य जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। रणबीर सिंह के मुताबिक, छात्रों की जानकारी मिलने के बाद इसकी रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को भेजी जाएगी। इस आधार पर ही आगे का फैसला होगा।
अमर उजाला ने किया था गैंगरेप का खुलासा
गौरतलब है कि अमर उजाला में बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप की खबर छपने के बाद एसएसपी ने सहसपुर पुलिस को जांच के आदेश दिए थे। पुलिस ने बाल कल्याण समिति और प्रशासन की टीम के साथ वहां जाकर जांच की तो घटना की पुष्टि हुई। पता चला कि छात्रा को बहाने से स्टोर में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव रखा गया, वह नहीं मानी तो चारों छात्रों ने उससे जबरन सामूहिक दुराचार किया था।
स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को दबाने की भरसक कोशिश की। लगभग एक माह तक मामले को दबाए भी रखा गया। इसके बाद जब छात्रा के गर्भवती होने का पता चला तो चुपचाप उसका गर्भपात कराया जा रहा था। उसे राजपुर रोड स्थित एक क्लीनिक से गर्भपात के लिए दवाएं भी दीं गईं।
ये हैं आरोप
चारों छात्र: आईपीसी 376(डी) (सामूहिक दुराचार) व पोक्सो अधिनियम
डायरेक्टर समेत पांचों आरोपी:आईपीसी 120बी(आपरधिक षड्यंत्र), आईपीसी 201(साक्ष्य छुपाना) और पोक्सो अधिनियम
(डायरेक्टर समेत पांचों आरोपियों पर पुलिस जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत भी कार्रवाई को विधिक राय ले रही है)