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उत्तराखंड के तीन जिलों में शराबबंदी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Mar 2017 08:25 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : SELF
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नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से प्रदेश के तीन जिलों (उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली) में एक अप्रैल से शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के खिलाफ आबकारी विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष पुनर्विचार याचिका (एसएलपी) दायर की है।
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विभाग का तर्क है कि इस फैसले को लागू करने से राजस्व का नुकसान होगा। इन जिलों के 42 ठेकों से सरकार को 84.2 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। हाईकोर्ट ने आठ दिसंबर 2016 के अपने फैसले में प्रदेश सरकार को आदेश दिया था कि चारधाम यात्रा मार्ग में पड़ने वाले तीन जिलों उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में अगले वित्त वर्ष से शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
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कोर्ट ने प्रदेश सरकार को यह निर्देश भी दिया था कि वह राज्य में शराब की बिक्री को धीरे-धीरे कम करे, क्योंकि लोगों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद आबकारी विभाग ने इस फैसले को चुनौती देने की योजना बनाई। इसके लिए शासन स्तर से अनुमति मांगी गई।
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शासन स्तर से अनुमति मिलने के बाद विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी गई है। विभाग ने तर्क दिया है कि तीन जिलों में शराबबंदी के फैसले को लागू करने से राजस्व का नुकसान होगा। आबकारी सचिव सीएस नपलच्याल ने बताया कि हाईकोर्ट ने तीन जिलों में शराबबंदी का जो फैसला दिया था उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट का जो भी निर्देश होगा उस पर अमल किया जाएगा।
तीन जिलों में शराब के ठेके और राजस्व
जिला - ठेके - राजस्व
उत्तरकाशी - 18 - 25.16 करोड़
रुद्रप्रयाग - 09 - 22.41 करोड़
चमोली - 15 - 36.63 करोड़