बल्ब देख हाथी ने घुसेडी सूंड, करंट से मौत
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राजधानी दून के करीब डोईवाला क्षेत्र के लालतप्पड़ आबादी क्षेत्र में एक टस्कर हाथी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिला है।
घटना से वनविभाग में हड़कंप मच गया। आननफानन में पहुंचे विभागीय अधिकारियों ने मौका मुआयना कर शव को अपने कब्जे में ले लिया है।
मौत की वजह करंट
हाथी की सूंड पर बिजली की तार लिपटी होने से मौत की वजह करंट लगना बताया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को दफना दिया गया।
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देहरादून वन प्रभाग की बड़कोट वनरेंज के अंतर्गत ग्रामसभा माजरीग्रांट में फनवैली के समीप जाखन द्वितीय बीट से सटी गोरखा बस्ती में बलबहादुर पुत्र खजान दास का मकान है।
टस्कर हाथी मृत अवस्था
गुरुवार तड़के उनके मकान की रसोई के समीप एक टस्कर मृत अवस्था में मिला। गृहस्वामी ने इसकी जानकारी प्रधान राजकुमार को दी।
प्रधान की सूचना पर वनविभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पशु चिकित्सा अधिकारी डोईवाला डा. एनएस नेगी के नेतृत्व में चिकित्सक दल ने मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया और खेत में गड्ढा कर शव को दफना दिया।
बल्ब की तार सूंड से खींची
बताया जा रहा है कि जंगल से सटी दो मीटर की सुरक्षा दीवार को फांदकर बस्ती में घुसे हाथी ने बलबहादुर की रसोई के बाहर जल रहे बल्ब की तार सूंड से खींची होगी, जिससे हाथी करंट की चपेट में आ गया। तार हाथी की सूंड में लिपटी हुई थी।
प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून सुशांत पटनायक ने बताया कि टस्कर हाथी की उम्र करीब 40 से 45 वर्ष के बीच है। साथ ही कहा कि प्रथमदृष्टया मौत की वजह करंट लगना है। मौके पर एसडीओ भरत सिंह, बड़कोट रेंजर हरि सिंह रावत, लच्छीवाला रेंजर विश्वपाल सिंह चौधरी आदि मौजूद थे।
अब होगी सुरक्षा दीवार ऊंची
देर से ही सही आखिरकार सुध तो आई। गोरखा बस्ती में करंट लगने से हुई हाथी की मौत के बाद वन विभाग जंगल और बस्ती के बीच की सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाने को तैयार हो गया है।
ग्राम प्रधान राजकुमार ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अब हादसा हुआ तो विभाग ने गोरखा बस्ती से सटी सुरक्षा दीवार की ऊंचाई बढ़ाने पर सहमति दी है।