जरा, संभलकर ये है हादसों का शहर
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उत्तराखंड के नैनीताल जिले का यह शहर हादसों का शहर है। यहां हत्या से तीन गुना अधिक लोगों की जान हादसों में गई है।
पुलिस का मानना है कि हेलमेट नहीं पहनने के कारण अधिकतर युवकों की मौत हुई है। फिर भी युवक हेलमेट पहनकर बाइक चलाना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। आंकड़ों के मुताबिक हादसों में रामनगर फर्स्ट और हल्द्वानी सेकेंड नंबर पर है।
एसपी सिटी कार्यालय के मुताबिक जिले में साढ़े नौ माह के दौरान हत्या के 23 मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें विवेचना के दौरान कुछ फर्जी भी साबित हुए। वहीं हादसों पर नजर डाली जाए तो जिले में 116 सड़क हादसों में 73 लोगों की मौत हो चुकी है।
कई लोग हादसे के बाद विकलांग हो गए हैं। सबसे अधिक 45 हादसे रामनगर थाना क्षेत्र में हुए। इनमें 29 लोगों की मौत हुई है। हल्द्वानी में 21 सड़क हादसे हुए और 22 लोग असमय काल का ग्रास बने।
दुर्घटना में मौत की संख्या अधिक
पुलिस ने घायलों की संख्या की गणना अभी नहीं की है। पुलिस की जांच के दौरान आया कि हादसे में अधिकतर मौत युवकों के हेलमेट नहीं पहनने के कारण हुई हैं।
एसपी सिटी पंकज भट्ट का कहना है कि हेलमेट जीवन रक्षक का काम करता है। शरीर के अन्य हिस्सों में चोट पहुंचने पर व्यक्ति की जान बच जाती है लेकिन सिर में चोट लगने पर डाक्टरों को जान बचाना मुश्किल होता है।
बता दें कि पुलिस रिकॉर्ड में मुकदमे के आधार पर मौत की गणना होती है। यदि एक दुर्घटना में दो या तीन की मौत होती है तो मुकदमा एक ही दर्ज होता है। इस प्रकार मौत की संख्या एक ही जुड़ती है। इस आधार पर मौत की संख्या जिले में आकड़ों से कहीं अधिक हुई है।
कुछ ऐसा है हाल
मल्लीताल - 04 - 03
तल्लीताल - 05 - 01
भवाली - 05 - 00
भीमताल - 03 - 01
मुक्तेश्वर - 01 - 00
बेतालघाट - 00 - 00
कालाढूंगी - 04 - 02
लालकुंआ - 11 - 10
हल्द्वानी - 21 - 22
काठगोदाम - 10 - 03
चोरगलिया - 07 - 02
जीआरपी काठगोदाम - 0 - 00
कुल ----- 116 - 73