परिवहन निगम की बसों में नहीं कर सकेंगे मुफ्त सफर, पैसा चुकाने के बाद सीधे खाते में आएगी रकम
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एक अप्रैल से उन यात्रियों को परिवहन निगम की बसों में किराया देकर यात्रा करनी पड़ेगी, जिन्हें निशुल्क यात्रा की सुविधा प्राप्त है। यात्रा के दौरान जो किराया अदा किया जाएगा, वो बाद में यात्रियों के खाते में आ जाएगा। निगम की बसों में भी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) शुरू करने की तैयारी है।
दूरस्थ एवं पर्वतीय जनपदों में इंटरनेट के कमजोर और खराब नेटवर्क की वजह से बायोमीट्रिक डिवाइस के स्थान पर निगम विशिष्ट कार्ड के जरिये डीबीटी करेगा। निगम ने विशिष्ट कार्ड बनाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
योजना को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। पहले चरण में 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के यात्रियों से डीबीटी की शुरुआत करने की तैयारी है। यदि योजना कारगर रही तो फिर इसे निशुल्क यात्रा की सुविधा लेने वाले यात्रियों पर लागू किया जाएगा।
राज्य सचिवालय में कुछ दिन पूर्व सचिव परिवहन शैलेश बगौली की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें परिवहन निगम की बसों में डीबीटी आरंभ करने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
ऑनलाइन और सीएससी में भी बनाए जा सकेंगे कार्ड
निशुल्क यात्रा सुविधा योजना के तहत विशिष्ट कार्ड परिवहन निगम की वेबसाइट www.utconline.uk.gov.in पर ऑनलाइन बनाए जा सकेंगे। इसके लिए पात्र व्यक्तियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके अलावा निगम के बस स्टेशन, डिपो स्तर व कामन सर्विस सेंटर पर भी विशिष्ट कार्ड बनाए जाने की सुविधा होगी।
विशिष्ट कार्ड में ये ब्योरा होगा दर्ज
विशिष्ट कार्ड में यात्री का बैंक खाता संख्या, आईसीएफसी कोड तथा व्यक्तिगत विवरण संरक्षित होगा। समीक्षा बैठक में यह भी तय हुआ कि यात्री बैंक खाते आधार से लिंक हों और उनके मोबाइल नंबर का भी उसमें उल्लेख हो।