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बहु को प्रताड़ित करने का मामला: ससुरालियों की प्रताड़ना से अवसाद में प्रीति, खाना न मिलने के कारण हुआ एनीमिया

संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 23 Sep 2022 12:13 AM IST
सार

चिकित्सकों के अनुसार महिला के ज्यादातर घाव पुराने हैं, जबकि कुछ नए भी हैं। इसे देखते हुए महिला के उपचार में प्लास्टिक सर्जन, मनोचिकित्सक और फिजीशियन भी जुटे हुए हैं।

पीड़िता प्रीति
पीड़िता प्रीति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

देहरादून में विकासनगर क्षेत्र में सास-ननद और ससुराल के अन्य सदस्यों की प्रताड़ना से बुरी तरह जख्मी महिला प्रीति अवसाद में है। प्रीति का दून के कोरोनेशन अस्पताल में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रीति के शरीर पर जगह-जगह जलाए जाने और कई दिन से ठीक से सही खानपान न मिलने से वह एनीमिया का शिकार हो गई है।



चिकित्सकों के अनुसार महिला के ज्यादातर घाव पुराने हैं, जबकि कुछ नए भी हैं। इसे देखते हुए महिला के उपचार में प्लास्टिक सर्जन, मनोचिकित्सक और फिजीशियन भी जुटे हुए हैं। टिहरी के जाखणीधार ब्लॉक में धारमंडल के रिंडोल गांव निवासी पीड़िता प्रीति की शादी जीवनगढ़ (विकासनगर) निवासी अनूप जगूड़ी से 12 साल पहले हुई थी।


हैवानियत: बहू को गर्म तवे से जलाते थे ससुरालीजन, चिल्लाती तो मुंह में ठूंस देते थे कपड़ा, नहीं देते थे खाना

सास शुभद्रा देवी और ननद जया जगूड़ी समेत ससुराल के अन्य सदस्यों पर आरोप है कि उन्होंने प्रीति को बुरी तरह पीटा, गर्म तवे और चिमटों से दागा। प्रीति को खाना नहीं दिया गया। पीड़िता की मां और भाई ने किसी तरह उसे ससुरालियों के चंगुल से छुड़ाया था। इस मामले में टिहरी पुलिस पीड़िता की सास और ननद को गिरफ्तार कर चुकी है।

वहीं, पीड़ित महिला प्रीति को राजकीय जिला कोरोनेशन अस्पताल के बर्न यूनिट के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। प्लास्टिक सर्जन डॉ. कुश एरन ने बताया कि प्रीति के ज्यादातर घाव और चोटें पुरानी हैं, जो भर रहे हैं। कमर और सिर पर करीब 20 से 25 घाव हैं। कुछ घाव और चोट नई हैं। खाना न मिलने की वजह से प्रीति एनीमिया का शिकार भी हो गई है।

बृहस्पतिवार को उनका हीमोग्लोबिन स्तर 4.5 पाया गया। जो कि बहुत गंभीर है, सामान्य तौर पर महिलाओं में करीब 12 तक हीमोग्लोबिन होना चाहिए। प्रीति की हालत को देखते हुए आज (शुक्रवार) उन्हें खून भी चढ़ाया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट उपचार कर रहे हैं। महिला सदमे के चलते अवसाद में है। वह गुमसुम है और ठीक से बोल भी नहीं पा रही हैं। इसके लिए मनोचिकित्सक डॉ. निशा सिंघला काउंसिलिंग और उपचार कर रही हैं।

ऐसे अपराधियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा: महिला आयोग

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कोरोनेशन अस्पताल पहुंचकर वहां मौजूद डॉक्टरों से प्रीति का हाल जाना। आयोग अध्यक्ष ने प्रीति की मां से मिलकर उन्हें आश्वस्त किया कि इस प्रकार का जघन्य अपराध करने वालों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि वह खुद भी इस बारे में डीआईजी पी रेणुका से संज्ञान लेने के लिए कह चुकी हैं। निर्देश दिए हैं कि इस शर्मनाक अपराध को करने वाले प्रीति के ससुराल वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। आयोग अध्यक्ष को देख कर प्रीति की मां सरस्वती देवी उनसे लिपट कर बिलख पड़ी। अध्यक्ष ने महिलाओं से अपील की कि वह इस प्रकार के अपराधों को बिल्कुल भी सहन न करें। ऐसी किसी भी घटना का यदि महिलाएं शिकार होती हैं या कोई प्रताड़ित करता है तो वह उसके विरुद्ध जरूर आवाज उठाएं और महिला आयोग तक इस बात को पहुंचाएं। महिला आयोग हमेशा उनके साथ खड़ा है।

पूर्व सीएम हरीश बोले, एक व्यक्ति हर वक्त करेगा प्रीति की देखभाल
बृहस्पतिवार शाम को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी प्रीति से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने यहां प्रीति का हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि उनका एक व्यक्ति हर वक्त प्रीति के साथ रहेगा और उनकी देखभाल करेगा। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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