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गंगोत्री नेशनल पार्क में पहुंचा रहस्मयी वायरस, ब्लू शीप का किया बुरा हाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:50 AM IST
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gangotri park
- फोटो : amarujala
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थिति गंगोत्री नेशनल पार्क में एक रहस्यमयी वायरस या बीमारी के चलते सात हिमालयी भरल (ब्लू शीप) की आंखें और दीदे बाहर निकल कर बह रहे हैं।
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इस बात की पुष्टि वन विभाग ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में की है। एनजीटी में दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि इन हिमालयी भरल को पकड़ा नहीं जा सका हालांकि इन्हें देखा गया है।
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जस्टिस जावद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है।
शुक्रवार को मुख्य वन संरक्षक दिग्विजय खाती की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया है।
वायरस के बारे में कुछ स्पष्ट जानकारी हासिल नहीं हो सकी
Gangotri National Park
मुख्य वन संरक्षक दिग्विजय खाती ने कहा कि यह गौर किया गया है कि बीमारी या रहस्मयी वायरस के चलते हिमालयी भरल की आंखों में काफी तकलीफ है और उन्हें चलने में भी परेशानी हो रही है। जिस हिमालयी भरल की मौत हो चुकी है उससे नमूना लेकर जांच के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली शोध केंद्र में भेजा गया है।
वन अधिकारियों को भी इस वायरस के बारे में कुछ स्पष्ट जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। मालूम हो कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सबसे पहले संबंधित विभागों को सूचना दी थी लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
बीती सुनवाई में जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली पीठ ने एडवोकेट गौरव कुमार बंसल की याचिका पर मामले में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, उत्तराखंड के मुख्य सचिव, राज्य वनजीव बोर्ड, राज्य वन मंत्रालय के प्रधान सचिव, वन विभाग, राज्य जैव विविधिता बोर्ड को नोटिस दिया था।
वन अधिकारियों को भी इस वायरस के बारे में कुछ स्पष्ट जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। मालूम हो कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सबसे पहले संबंधित विभागों को सूचना दी थी लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
बीती सुनवाई में जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली पीठ ने एडवोकेट गौरव कुमार बंसल की याचिका पर मामले में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, उत्तराखंड के मुख्य सचिव, राज्य वनजीव बोर्ड, राज्य वन मंत्रालय के प्रधान सचिव, वन विभाग, राज्य जैव विविधिता बोर्ड को नोटिस दिया था।