खतरों के हाईवे पर चल रही चारधाम यात्रा
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जोशीमठ और बदरीनाथ धाम के बीच करीब 32 घंटे से अवरुद्ध बदरीनाथ हाईवे रविवार को दोपहर बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गया है। हालांकि मैठाणा, टैया पुल और लामबगड़ में हाईवे खतरनाक हालत में है।
लामबगड़ में बीती 16 अगस्त को सुबह चार बजे भारी बारिश के बीच हाईवे अवरुद्ध हो गया था जिसे रविवार को दोपहर एक बजे वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जा सका।
इसके अलावा शनिवार रात को करीब एक बजे पीपलकोटी से छह किमी की दूरी पर स्थित पनईगाड में चट्टान का एक हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया। बीआरओ की टीम ने यहां आए बोल्डरों को विस्फोट से उड़ाया।
यात्री रहे परेशान
इस दौरान बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों को दिनभर परेशानी झेलनी पड़ी। जोशीमठ और चमोली की ओर आने वाले स्थानीय लोगों ने यहां पर पैदल ही आवाजाही की।
सेना के वाहनों की आवाजाही भी यहां पर दिनभर रुकी रही। शाम चार बजे बंद पड़े इस पैच को भी खोल दिया गया।
हाईवे का 20 मीटर हिस्सा धंसा
हाईवे के मैठाणा नामक स्थान पर हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा धंस गया है। यहां पर भारी वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। भारी ट्रक यहां फंस रहे हैं।
बदरीनाथ थाने के थानाध्यक्ष मुकेश चौहान ने बताया कि बदरीनाथ हाईवे खुलने के बाद करीब 150 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंच गए हैं।
बीआरओ के कमांडर निलेश चंदाराना का कहना है कि हाईवे को सुचारु रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को दोपहर बाद हाईवे को पूरी तरह से खोल दिया गया है।
गंगोत्री हाईवे वाहनों के लिए खुला
ऋषिकेश। बीआरओ की कड़ी मशक्कत के बाद रविवार सुबह गंगोत्री--ऋषिकेश हाईवे वाहनों के लिए खोल दिया गया। वहीं, बदरीनाथ हाईवे पर लगातार तीसरे दिन वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो पाई।
मार्ग पर कई जगह भूस्खलन की स्थिति है। बीआरओ मलबा हटाने के प्रयास में जुटी है। रास्ता शकनीधार तक करीब-करीब दुरुस्त कर दिया गया है।
दो दिनों की मूसलाधार बारिश के चलते बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे कई जगह अवरुद्ध हो गया था। शनिवार शाम तक दोनों रूटों पर वाहनों का आवागमन शुरू नहीं हो पाया था।
सुबह बीआरओ ने गंगोत्री हाईवे सुचारु कर दिया, मगर बदरीनाथ हाईवे देवप्रयाग, तीनधारा आदि क्षेत्रों में अभी भी बंद है। बीआरओ की टीम मलबा और पत्थर हटाने में जुटी है।