फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dalit will convert their religion in uttarakhand.

बड़ी संख्या में धर्म बदलने को तैयार उत्तराखंड के दलित

Mon, 07 Dec 2015 04:31 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 07 Dec 2015 04:31 PM IST
विज्ञापन
dalit will convert their religion in uttarakhand.

विश्व बौद्ध संघ उत्तराखंड विशेषकर जौनसार बावर के दलितों को बौद्ध धर्म की दीक्षा देगा। इसके लिए बौद्ध मिशनरी युद्धस्तरीय अभियान चलाएगी।

विज्ञापन


अगले एक वर्ष में 100 से अधिक परिवारों को बौद्ध धर्म में दीक्षित करने का लक्ष्य है। घोषणा की गई है कि उत्तराखंड में बुद्ध की वाणी गुंजायमान करने के लिए मिशनरी भाव से महाभियान चलाया जाएगा और कालसी स्थित शिलापट्ट से सम्राट अशोक के बताए रास्ते पर चलकर लोगों की संस्कृति बदली जाएगी।
विज्ञापन


देहरादून में घंटाघर स्थित डॉ. अंबेडकर पार्क में डॉ. भीमराव अंबेडकर के 60वें परिनिर्वाण दिवस पर त्रिरत्न बौद्ध महासभा के कार्यक्रम में विश्व बौद्ध संघ के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय विद्वान आरबीके बौद्ध ने कहा कि देश के दूसरे हिस्सों की तरह उत्तराखंड में दलितों पर अत्याचार हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके बुनियादी मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। ऐसे में दलितों को बौद्ध धर्म अपना लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समूचे उत्तराखंड में बौद्ध धर्म का परचम फहराए जाने की रणनीति तैयार कर ली गई है। बुद्ध और अंबेडकर के रास्ते ही उत्पीड़न, शोषण, अत्याचार, भेदभाव और विषमता का जवाब दिया जा सकता है।

दस परिवार ले चुके हैं बौद्घ धर्म की दीक्षा

dalit will convert their religion in uttarakhand.

जौनसार बाबर क्षेत्र में दलितों पर अत्याचार की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां दलितों के साथ क्रूर व्यवहार किया जा रहा है। उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता नहीं है। सामाजिक और आर्थिक तौर पर उन्हें पशुवत रखा गया है।

ऐसे में विश्व बौद्ध संघ व त्रिरत्न बौद्ध महासभा मिलकर एक-एक दलित को बौद्ध दीक्षा दिलाएंगे। उत्तराखंड में व्याप्त सामाजिक, धार्मिक कुरीतियों पर बेहद आक्रामक होते हुए वे बोले कि यहां पोंगापंथी का जोर है।

कार्यक्रम आयोजक आरएल कर्दम ने कहा कि जौनसार में उनके अनुसूचित जाति होने का लाभ उच्च जाति के लोग उठा रहे हैं। बौद्ध मिशनरी गुरुजी ब्रह्मचारी बोधिसागर ने कहा कि समूचे उत्तराखंड में हम बुद्ध वाणी को गूंजाएंगे।

मिशनरी मंजुला गौतम ने जानकारी दी कि प्रदेश में दस दलित परिवार 22 अक्तूबर को बौद्ध धर्म की दीक्षा ले चुके हैं। अब एक साल में 100 परिवारों को बौद्ध धर्म का हिस्सा बनाने का लक्ष्य है।

धर्मचारिणी मेदनावादिता ने बताया कि ऊंची जातियों की बर्बरता ने समाज को तोड़ दिया है। आरवी सिंह का कहना था कि बुद्ध की वाणी पुरोहितवाद को समाप्त कर देगी। कार्यक्रम में संतलाल बौद्ध, रामशरण शौर्य, सतेंद्र चोपड़ा, रविंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed