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दादा, पापा और अब खुद सेना में अफसर बने दून के अतुल

Sun, 12 Dec 2021 12:10 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 12:10 AM IST
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Dada, Papa and now Atul himself became an officer in the army
आईएमए से पासआउट होने वाले पौड़ी के प्रत्युष डबराल पिता दिनेश डबराल और मां रंजना डबराल के साथ। अमर
देहरादून। दून के मथोरावाला के रहने वाले अतुल लेखवार का परिवार वाकई फक्र करने के लायक है जिसकी तीन पीढ़ियां देश सेवा को समर्पित हैं। दादा, पापा और खुद अतुल सेना में अफसर बन गए। शनिवार को सैन्य अकादमी देहरादून में हुए दीक्षांत समारोह में अतुल ने कठिन प्रशिक्षण पूरा करके भारतीय सेना में अफसर बन माता-पिता का सपना साकार किया। पूरा परिवार सेना को समर्पित होने की उपलब्धि पर अतुल के चाचा रमेश प्रसाद लेखवार और मां उमा लेखवार ने कहा कि बेटे ने परिवार का नाम रोशन किया है। अतुल के पिता स्व. सतीश प्रसाद लेखवार सुबेदार के पद से रिटायड हुए थे। जबकि दादा भी सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अतुन ने प्राथमिक शिक्षा चंबा के कान्वेंट स्कूल से की है। जबकि हाई स्कूल तक की पढ़ाई दून में और 12वीं की पढ़ाई पूणे के आर्मी पब्लिक स्कूल से करने के बाद एनडीए की पढ़ाई भी पूणे से की।
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बिहार
बेटा अफसर बना तो पिता ने देखी पीओपीभारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में पूर्व सैनिक अजय कुमार का बेटा अभिषेक कुमार पांडेय जब भारतीय सेना में अधिकारी बने तो पिता को भी आईएमए में पीओपी देखने का मौका मिला। बिहार के सिवान जिला निवासी पूर्व सैनिक अजय कुमार ने बताया कि उनकी पीओपी देखने की बहुत तमन्ना थी। लेकिन सेना में रहते हुए उन्हें यह मौका नहीं मिल पाया। शनिवार को बेटे ने उनका यह सपना भी पूरा कर दिया। सेना के अधिकारी बने अभिषेक कुमार पांडेय ने कहा कि परिवार के हर एक सदस्य का सपना था कि वो सेना में अफसर बने आज परिवार के हर एक सदस्य का सपना पूरा हुआ है। अभिषेक ने पहली ही कोशिश में एनडीए की परीक्षा पास की थी। अभिषेक के पिता अजय कुमार पांडेय निवासी लंगडपुरा थाना मैरवा जिला सिवान ने बताया कि अभिषेक की स्कूलिंग मिलिट्री स्कूल अजमेर से हुई है। मां प्रतिभा पांडेय गृहणी हैं। जबकि बहन अंजली पांडेय लॉ की पढ़ाई कर रही है। दादा शिव जी पांडेय (रिटायर्ड सुबेदार) स्वयं अपने पोते को लेने के लिए देहरादून पहुंचे हुए थे।
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टिहरी
शिक्षक दंपत्ति का बेटा सेना में बना अफसरबौंसला पिलखी टिहरी गढ़वाल निवासी शिक्षक दंपत्ति का बेटा उज्जवल नौटियाल शनिवार को सेना में अफसर बन गया। उज्जवल नौटियाल के पिता यशवंत प्रसाद नौटियाल एवं मां कविता नौटियाल दोनों ही शिक्षक हैं। यशवंत प्रसाद नौटियाल ने कहा कि उनका बेटा उज्जवल दादा सुरेंद्र दत्त नौटियाल एवं दादी सुमित्रा देवी की प्रेरणा से ही सेना में अफसर बनने की प्रतिज्ञा ली थी। उज्जवल ने आज दादा दादी के साथ ही परिजनों का सपना पूरा किया है। उज्जवल नौटियाल की पढ़ाई सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से हुई है। पिता ने बताया कि बेटे उज्जवल ने पहली बार में ही एनडीए की परीक्षा पास की थी। बेटे ने परिवार और उत्तराखंड का नाम रोशन करने का काम किया है।
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नैनीताल
होटल मैनेजमेंट करने के बाद सेना में जाने का बनाया मननैनीताल के कोटाबाग, रामनगर निवासी गौरव कुमार जोशी शनिवार को सेना में अधिकारी बन गए। गौरव ने होटल मैनेजमेंट करने के बाद सेना में जाने का मन बनाया था। गौरव के पिता रिटायर्ड सुबेदार मेजर सतीश चंद्र जोशी ने बताया कि बेटे की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल चंडीगढ़ से पूरी हुई। इसके बाद बंग्लौर से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया। फिर दो साल तक सिविल में नौकरी की। इसके साथ ही वे सेना में अफसर बनने की तैयारी में जुट गए। एसीसी के माध्यम से यहां तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि बेटे ने परिवार का नाम रोशन करने का काम किया है। गौरव की मां गीता देवी गृहणी हैं। बहन रितू जोशी शर्मा भी भाई को स्टार लगाने के लिए पीओपी में पहुंची।
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कोटद्वार
पिता से मिली देश सेवा करने की प्रेरणापूर्व सैनिक ताजवर सिंह बिष्ट का बेटा संदीप बिष्ट शनिवार को सेना में अफसर बन गए। उन्होंने कहा कि पिता से ही देश सेवा करने की प्रेरणा मिली है। कोटद्वार के नीबूचौड़ निवासी संदीप बिष्ट ने आर्मी स्कूल लैंसडाउन से पढ़ाई की। संदीप ने कहा कि बचपन से ही उन्हें सेवा में जाकर देश सेवा करने का सपना था। आज सेना में अफसर बन उनका सपना पूरा हो गया। संदीप की पत्नी पूजा बिष्ट पेशे से शिक्षिका है। मां गुड्डी देवी गृहणी हैं। जबकि बड़ा भाई बंग्लौर में नौकरी करते हैं।
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देहरादूनएसीसी से मिला सेना में अफसर बनने का प्लेटफार्म
पहले छह साल तक बतौर सिपाही फौज में नौकरी करने के बाद चमोली जिले के थराली विकासखंड के चेपड़ो गांव निवासी भरत सिंह को शनिवार को सेना में अफसर बन गए। भरत अपने परिवार के साथ हर्रावाला के सैनिक कालोनी में रहते हैं। भरत को आर्मी कैडेट कालेज (एसीसी) से सेना में अफसर बनने का प्लेटफार्म मिला है। वह छह साल तक सिपाही के तौर पर मैकेनाइज्ड इंफेंट्री में तैनात रहे। इसके बाद एसीसी के फार्मत भारतीय सैन्य अकादमी में दाखिला मिला और अपनी मेहनत के बूते पास आउट होकर सेना में अफसर बन गए हैं। उन्हें आर्मी सर्विस कोर में कमीशन प्राप्त हुआ है। उनके पिता बलवंत सिंह भी सेना से हवलदार रैंक से रिटायर हुए हैं। मां पार्वती देवी गृहणि है। बड़ा भाई खिलाप सिंह जम्मू में बतौर हवलदार तैनात हैं और छोटा भाई सूरज सिंह राज्य के आबकारी विभाग में तैनात है। बेटे को मिली कामयाबी में शरीक होने के लिए पूरा परिवार आज आईएमए पहुंचा।
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देहरादून
वर्दी के जुनून से मिली सेना में अफसर बनने की प्रेरणा
दून के बंजारावाला निवासी अमन नेगी को वर्दी के जुनून ने सेना में अफसर बनने की प्रेरणा दी और शनिवार को वह सेना में अफसर बन भी गए। अमन के पिता शीशपाल नेगी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में वरिष्ठ फार्मेसिस्ट और माता रीता नेगी गृहणी हैं, जबकि, छोटी बहन जर्मनी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं। परिवार में भले ही कोई सेना में नहीं रहा हो, लेकिन अमन के दिल में सैन्य वर्दी के प्रति बचपन से ही विशेष रुचि रही। मूल रूप से चंबा के निवासी अमन ने हाई स्कूल करने के बाद देहरादून का रुख किया और यहां दून इंटरनेशनल स्कूल से 12वीं उत्तीर्ण की। खुद को सैन्य वर्दी में देखने की चाहत ने उन्हें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में सफलता दिलाई और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में अमन को प्रवेश मिला। उन्हें पीओपी के दौरान जेएंडके राइफल मेडल (द्वितीय नीतिगत दक्षता) से भी नवाजा गया।

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पौड़ी
प्रत्युष को दादा से मिली देश सेवा करने की प्रेरणा
पौड़ी के डबरालस्यू निवासी प्रत्युष डबराल को अपने दादा स्व. सचिता नन्द डबराल से देश सेवा करने की प्रेरणा मिला है। प्रत्युष शनिवार को जब सेना में लेफ्टिनेंट बने तो परिवार के सभी सदस्यों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रत्युष की मां रंजना डबराल पेशे से शिक्षिका है। जबकि पिता दिनेश डबराल उत्तराखंड वन विकास निगम से सीनियर ऑडिटर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रत्युष की बहन प्रतिष्ठित एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं। लेफ्टिनेंट प्रत्युष स्कूल में मेधावी छात्र रहे हैं। बोर्ड परीक्षा में प्रत्युष ने 94 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। जबकि एनडीए की परीक्षा में पहली ही बार में सफलता भी हासिल की थी।

आईएमए से पासआउट होने वाले मूल रूप से चम्बा टिहरी  और वर्तमान में देहरादून के बंजारावाला निवासी अम

आईएमए से पासआउट होने वाले मूल रूप से चम्बा टिहरी और वर्तमान में देहरादून के बंजारावाला निवासी अम

गया सैन्य प्रशिक्षण अकादमी से पास आउट होने के बाद सेना में अधिकारी बने टिहरी गढ़वाल के मंयक सुयाल

गया सैन्य प्रशिक्षण अकादमी से पास आउट होने के बाद सेना में अधिकारी बने टिहरी गढ़वाल के मंयक सुयाल- फोटो : DEHRADUN

जम्मू के अनिरुद्ध सेना में अफ़सर बनने के बाद अपने माता पिता के साथ।--संवाद फोटो

जम्मू के अनिरुद्ध सेना में अफ़सर बनने के बाद अपने माता पिता के साथ।--संवाद फोटो- फोटो : DEHRADUN

परिजनों के साथ खुशी जाहिर करते सेना में अधिकारी बना देहरादून मोथरोवाला रोड निवासी अतुल लेखवार।

परिजनों के साथ खुशी जाहिर करते सेना में अधिकारी बना देहरादून मोथरोवाला रोड निवासी अतुल लेखवार।- फोटो : DEHRADUN

सेना में अधिकारी बने दून बंजारावाला निवासी अमन नेगी अपने परिजनों के साथ

सेना में अधिकारी बने दून बंजारावाला निवासी अमन नेगी अपने परिजनों के साथ- फोटो : DEHRADUN

सेना में अधिकारी बने हल्द्वानी निवासी गौरव कुमार जोशी अपने परिजनों के साथ।

सेना में अधिकारी बने हल्द्वानी निवासी गौरव कुमार जोशी अपने परिजनों के साथ।- फोटो : DEHRADUN

सेना में अफसर बना रि.इंस्पेक्टर जेपी कुकरेती का बेटा अभिजीत कुकरेती परिजनों के साथ खुशी जाहिर कर?

सेना में अफसर बना रि.इंस्पेक्टर जेपी कुकरेती का बेटा अभिजीत कुकरेती परिजनों के साथ खुशी जाहिर कर?- फोटो : DEHRADUN

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