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Cycle Yatra: पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी की पहल, प्रगति से प्रकृति को जोड़ने के लिए निकलेगी साइकिल यात्रा
Thu, 29 Sep 2022 05:21 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 29 Sep 2022 05:21 PM IST
सार
डॉ. अनिल जोशी करेंगे। यात्रा सात राज्यों से लगभग दो हजार किमी का सफर कर नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना अवसर पर देहरादून पहुंचेगी।
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पर्यावरणविद् पद्मश्री डॉ. अनिल जोशी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रकृति से लोगों को जोड़ने के लिए मुंबई से ‘उत्तराखंड प्रगति से प्रकृति पथ तक’ साइकिल यात्रा निकाली जाएगी। दो अक्तूबर से शुरू होने वाली इस यात्रा का नेतृत्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी करेंगे। यात्रा सात राज्यों से लगभग दो हजार किमी का सफर कर नौ नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना अवसर पर देहरादून पहुंचेगी।
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डॉ. अनिल जोशी ने बताया कि इस समय दुनिया के सामने पारिस्थितिकीय संकट है। 18 वीं शताब्दी में दुनिया के सामने आर्थिक असुरक्षा थी। उस समय लगातार कई तरह की आर्थिक क्रांति लाकर संपन्नता हासिल की है। इसके बदले जो कुछ है वह सबके सामने है। आज दुनिया में पारिस्थितिकीय असुरक्षा आ चुकी है। आवश्यकता इस बात की है कि एक तरफ जहां हम दुनिया की प्रगति की बात करें तो पारिस्थितिकीय की बात भी होनी चाहिए। अब समय प्रगति और प्रकृति को जोड़ने का है।
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डॉ. जोशी ने कहा कि आर्थिकी और पारिस्थितिकीय के बीच संतुलन की यह यात्रा है। प्रकृति के प्रति समान समझ बनाने के लिए कई सामूहिक सवालों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिकी के साथ पारिस्थितिकीय का चिंतन और आकलन करते तो आज परिस्थितियां नहीं बदलती। जीडीपी के साथ जीईपी (सकल पर्यावरणीय उत्पाद) प्राथमिकता होती तो जीडीपी से दुनिया को जहान और जीईपी से जान बचा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में 50 हजार लोगों से संपर्क होगा। एक मिलियन लोगों से विभिन्न माध्यमों से संपर्क किया जाएगा।