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देहरादून: साथी अफसर का व्हाट्सएप हैक कर साइबर ठगों ने ओएनजीसी अफसर से की 1.80 लाख की ठगी
Tue, 17 Sep 2019 09:41 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 17 Sep 2019 09:41 AM IST
सार
- साथी अफसर का व्हाट्सएप हैक किया
- एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने एसओजी प्रभारी को दिए जांच के निर्देश
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
साथी अफसर का व्हाट्सएप हैक कर साइबर ठगों ने ओएनजीसी के एक अफसर से एक लाख 80 हजार रुपये ठग लिए। ठगों ने ओएनजीसी अफसर को उनके साथी के व्हाट्सएप से मेसेज भेज रिश्तेदार की बीमारी का बहाना बनाकर पैसे मांगे थे। एसएसपी ने इस मामले में एसओजी प्रभारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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ओएनजीसी में आरएंडडी के महाप्रबंधक (रसायन) विशेषनाथ पुष्कर और उनके दोस्त आशीष शर्मा ने सोमवार को एसएसपी अरुण मोहन जोशी से मिलकर मामले की जानकारी दी। पुष्कर ने बताया कि वे पांच से 10 सितंबर के बीच अहमदाबाद में थे। इसी बीच सात सितंबर को उनके व्हाट्सएप पर दोस्त विनोद डिमरी के मोबाइल नंबर से मेसेज आया कि मैँ सेन फ्रांसिस्को यूएसए के एयरपोर्ट पर हूं। पत्नी की बहन को हार्ट प्राॅबल्म होने के कारण हैदराबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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ऑपरेशन के लिए वो अपने अकाउंट से रकम ट्रांसफर नहीं कर पा रहा है। महाप्रबंधक ने बताया कि अहमदाबाद ओएनजीसी में विनोद डिमरी उनके साथ रहा है। बिना देर किए दूसरे दोस्त आशीष शर्मा की मदद से डिमरी के बताए खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर करा दिए। इसके बाद विनोद डिमरी के व्हाट्सएप से फिर 50 हजार और 30 हजार रुपये मांगे गए। इस बार भतीजे विजय पुष्कर के माध्यम से यह रकम ट्रांसफर कराई गई।
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रकम स्थानांतरित करने के कई दिन बाद ऑपरेशन के बारे में जानकारी लेने को विनोद डिमरी से फोन पर संपर्क किया तो वो बंद मिला। 18 सितंबर को अहमदाबाद निवासी एक अन्य दोस्त आरबी राम और शंकर सिंह की मदद से विनोद डिमरी से बात की तो इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। डिमरी का कहना था कि न तो वह अहमदाबाद से बाहर गए और न ही किसी तरह की रकम मांगी। हैदराबाद में तो उनकी कोई रिश्तेदारी भी नहीं है। कप्तान ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।