फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Cyber thug gang active, new way of emotional cheating, seeking help in the name of funeral

इमोशनल ठगी: साहब! पिता की मौत हो गई, अंतिम संस्कार के लिए रुपये नहीं, मदद कर दीजिए, आंसुओं के सैलाब से बनाते हैं शिकार

Fri, 10 Jun 2022 02:04 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 10 Jun 2022 02:04 PM IST
सार

ठग गिरोह ने लोगों से ठगी के लिए एक नया तरीका अपनाया है। ये लोग कॉलोनी के आसपास सब्जी, चाट का ठेला लगाने या कपड़े प्रेस करने वाले को अपना पिता बताते हैं। इनका नाम लेकर मौत की जानकारी देते हैं। कॉलोनी के आसपास रेहड़ी और ठेली लगाने वाले की मौत की खबर सुनकर एक बारगी लोग भी हैरत में पड़ जाते हैं।

विज्ञापन
Cyber thug gang active, new way of emotional cheating, seeking help in the name of funeral
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

साहब! पिता की मौत हो चुकी है। अंतिम संस्कार के लिए रुपये नहीं हैं। इसलिए मदद कर दीजिए। जी हां! शहर में एक ऐसा ही ठग गिरोह सक्रिय हो गया है। जो लोगों के किसी परिचित को अपना पिता बता रहा है। साथ ही उसकी मौत की सूचना देने के बाद लोगों से मदद के नाम पर रुपये मांग रहा है।

विज्ञापन


पिछले एक सप्ताह में ठग गिरोह करीब दस से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। छोटी मोटी रकम के फेर में लोग पुलिस से शिकायत नहीं कर रहे हैं। जिससे ठग गिरोह के हौसले बुलंद हो गए हैं। शहर में ठग गिरोह ने लोगों से ठगी के लिए एक नया तरीका अपनाया है। दरअसल, ठग गिरोह के सदस्य अलग-अलग कॉलोनी में जा रहे हैं।

विज्ञापन

 

ये लोग कॉलोनी के आसपास सब्जी, चाट का ठेला लगाने या कपड़े प्रेस करने वाले को अपना पिता बताते हैं। इनका नाम लेकर मौत की जानकारी देते हैं। कॉलोनी के आसपास रेहड़ी और ठेली लगाने वाले की मौत की खबर सुनकर एक बारगी लोग भी हैरत में पड़ जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रोने बिलखने का करते हैं नाटक

ठग गिरोह इन्हें अपने जाल में फंसाने के लिए रोने बिलखने का नाटक करता है और अंतिम संस्कार के लिए मदद मांगता है। लोग झांसे में आकर सौ से पांच रुपये दे देते हैं। लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है, तब तक बहुत देर हो जाती है। इस तरह से ही रुड़की शहर में ठगों ने दो कॉलोनियों में ठगी की घटना को अंजाम दिया है। 

केस नंबर एक

रुड़की के सुभाषनगर में करीब एक सप्ताह पूर्व एक युवक लोगों के घरों के दरवाजे खटखटाता है। साथ ही पड़ोस में कढ़ी चावल बेचने वाले को अपना पिता बताते हुए मौत होने की जानकारी देता है। इसके बाद वह लोगों से अंतिम संस्कार करने के लिए आर्थिक मदद मांगता है। कढ़ी चावल के परिचित होने के चलते लोगों ने उसे सौ से पांच रुपये की मदद की। लेकिन जब बाद में उन्हें पता चला कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है तो वह हैरत में पड़ जाते हैं। 

ये भी पढ़ें..हैरतअंगेज साजिश: युवक के सिर से निकल रहा था मुर्गे का खून, पुलिस भी खा गई धोखा, कपड़ा उठते ही धरा गया बहुरूपिया

केस नंबर दो

रुड़की के बीएसएम चौक के पास एक कॉलोनी में दो दिन पूर्व एक युवक पहुंचता है। वह एक घर का दरवाजा खटखटाता है। इसके बाद वह पास में कपड़ों पर प्रेस करने वाले का नाम लेकर उसे अपना पिता बताता हैै। साथ ही जानकारी देता है कि उनकी मौत हो गई है। अंतिम संस्कार के लिए मदद चाहिए। इस पर कॉलोनी के करीब दस लोग सौ से पांच सौ रुपये दे देते हैं। शाम को जब वह घूमने निकलते हैं तो प्रेस करने वाले को सही सलामत देखते हैं तो होश उड़ जाते हैं। वह उसके पास जाकर जानकारी लेते हैं तो पता चलता है कि उनके साथ ठगी हो गई है। 

पुलिस के पास अगर ऐसी शिकायत आती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। लोगों को ऐसे ठगों से सावधान होनी की जरुरत है। किसी भी मामले में बिना पुष्टि किए हुए लोग किसी के झांसे में न आएं।
-प्रमेंद्र सिंह डोबाल, एसपी देहात

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed