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Uttarakhand: तेजी से बढ़ रहे साइबर ठगी के नए ट्रेंड, पांच वर्षों में उत्तराखंड के लोगों से ठगे 468 करोड़ रुपये

Tue, 10 Feb 2026 12:36 PM IST
अलका त्यागी अंकित सिंह, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
अंकित सिंह, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 10 Feb 2026 12:36 PM IST
सार

Uttarakhand News: उत्तराखंड में साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो इसकी संख्या पांच वर्षों में 12 गुना से भी अधिक है। अब तक 90 हजार से भी ज्यादा लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।

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Cyber crime Uttarakhand residents defrauded of 468 crore in five years case increased 12 fold in five years
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में साइबर ठगी को सरासर लूट की संज्ञा दी है। पूरे प्रदेश में साइबर ठगी का जो डाटा है वह भयावह है। साइबर ठगी के मामलों को उत्तराखंड में भी देखें तो ये भी चौंकाने वाले आंकड़े हैं।

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नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के डाटा के अनुसार 2021 से 2025 तक पूरे प्रदेश में साइबर ठगों ने लोगों से 468 करोड़ रुपये से भी ज्यादा ठगे हैं। करीब 90 हजार लोग साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। हालांकि, सीमित संसाधनों के बल पर पुलिस 70 करोड़ रुपये से ज्यादा बचाने में भी कामयाब रही है।
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साइबर ठगी के मामलों में अगर बढ़ोतरी की बात करें तो पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार यह पांच साल में 12 गुना से भी ज्यादा है। हर साल साइबर ठगी के नए ट्रेंड चलते हैं। ताजा सबसे अधिक और घातक ट्रेंड डिजिटल गिरफ्तारी का भय दिखाकर ठगने का है।
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पांच साल में डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 37 लोगों को शिकार बनाया गया। इनसे करोड़ों रुपये की ठगी की गई। पुलिस लगातार जागरूकता अभियान भी चलाती है। पिछले दिनों कॉलरट्यून के माध्यम से केंद्र सरकार ने भी चेताने का प्रयास किया मगर ठगों ने पैंतरे बदल लिए और फिर से एक नया खेल शुरू कर दिया।

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पांच साल के आंकड़े

साल शिकायतें ठगी की रक बचाई गई रकम
2021 4492 15 करोड़ 1.21 करोड़
2022 11169 40 करोड़ 2.45 करोड़
2023 18020 69 करोड़ 7.41 करोड़
2024 23801 167 करोड़ 30.17 करोड़
2025 31870 177.81 करोड़ 28.59 करोड़

पिछले साल इन तरीकों से हुई ठगी

ऑनलाइन ट्रेडिंग 60
डिजिटल अरेस्ट 18
ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग 01
वर्क फ्रॉम होम 04
इंश्योरेंस पॉलिसी 01
लोन फ्रॉड 00
कस्टमर केयर फ्रॉड 00
सोशल मीडिया गिफ्ट स्कैम 02
नौकरी लगवाने के नाम पर 01
केबीसी लॉटरी 00
फेक वेबसाइट फ्रॉड 01
ओएलएक्स फ्रॉड 00
फर्जी फर्म 01
फर्जी कॉल सेंटर 01
फेक कॉल/एसएमएस 06
वेबसाइट हैक 01
अन्य 04


लगातार जनजागरूकता अभियान सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से चलाया जाता है। लोगों की रकम बचाने के लिए भी पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है। यही कारण है कि पिछले साल 28 करोड़ रुपये से अधिक बचाए भी जा चुके हैं। पुलिस भविष्य में संसाधनों को बढ़ाने जा रही है।
- नवनीत भुल्लर, एसएसपी, एसटीएफ

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