{"_id":"05f036189273c5e1e01eb04ef2ccc351","slug":"cyber-crime-devise","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटरनेट पर अश्लील तस्वीरें डालने वालों तुम्हारी खैर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटरनेट पर अश्लील तस्वीरें डालने वालों तुम्हारी खैर नहीं
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 08 Jan 2014 08:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साल 2007 में मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम से ईमेल पर जल विद्युत परियोजनाओं से संबंधित जानकारी लेने के मामले में दिल्ली की लैबोरेट्री से जांच करानी पड़ी।
विज्ञापन
चर्चित यौन शोषण प्रकरण में ब्लैकमेलिंग के मामले में भी जब्त मोबाइलों की जांच के लिए एसटीएफ को दिल्ली जाना पड़ा।
पढ़ें, बच्ची को कपड़े बदलते देख 'बाप' ने पार की सारी हदें...
विज्ञापन
लगाने पड़ते हैं दिल्ली के चक्कर
साइबर क्राइम के ऐसे कई मामले हैं जिसके लिए उत्तराखंड पुलिस को दिल्ली में लैबोरेट्री के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसमें वक्त की बर्बादी भी होती है। उत्तराखंड पुलिस की यह दिक्कत अब जल्द ही दूर होने वाली है।
विज्ञापन
पढ़ें, 'आप' के हुए पांडे जी
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक ऐसी डिवाइस मिलने जा रही है जो मौके पर ही मोबाइल, कंप्यूटर, सीडी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के क्लोन तैयार कर लेगी। अटैचीनुमा इस डिवाइस में लगी स्क्रीन पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के तीन क्लोन बनेंगे।
पढ़ें, केदारनाथ में टूटी सालों से चल रही 'परंपरा'
एक क्लोन पीड़ित को दिया जाएगा और असली उपकरण केस प्रॉपर्टी के रूप में रखा जाएगा। दो क्लोन पर साइबर एक्सपर्ट पड़ताल करेंगे। इस डिवाइस को घटनास्थल पर ले जाने में भी सहूलियत रहेगी।
ऐसी करेगी काम :
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में मोबाइल और कंप्यूटर आदि के पूरे फीचर, फीड तस्वीर, एसएमएस, ईमेल आदि भी आ जाएंगे। लैबोरेट्री में कंप्यूटर से इसके एक-एक फीचर और मैसेज-तस्वीरों का पता लग सकेगा। साइबर टीम को इससे आरोपों की जांच करने में मदद मिलेगी।
इन मामलों में मिलेगी मदद :
अश्लील एमएमएस, एसएमएस, अश्लील सीडी, इंटरनेट पर अश्लील तस्वीरें डालने और मैसेज से धमकी देने जैसे मामलों की जांच में यह बेहद कारगर होगी।
दो करोड़ में बनेगी दून में लैब
साइबर टीम को इसके लिए लैबोरेट्री की जरूरत पड़ेगी। इसके उपकरणों पर करीब दो करोड़ रुपए का खर्च आएगा। लैब के लिए बिल्डिंग भी तलाशी जा रही है।
पढ़ें, बुलंदियों के फलक पर छाई हैं ये बेटियां
‘यह योजना अंतिम चरण में है। दिल्ली की कंपनी से इस बारे में बात चल रही है। शुरूआत में कुछ साइबर एक्सपर्ट उत्तराखंड पुलिस को ट्रेनिंग देंगे। इससे साइबर क्राइम के खुलासे में मदद मिलेगी।’
--अबुदई ए. कृष्णराज, एसएसपी एसटीएफ