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जंगल की आग रोकेगा क्राइसेस मैनेजमेंट सेल
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Mon, 20 Feb 2017 10:52 AM IST
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एमआई 17 से बुझाई जा रही जंगलों की आग
- फोटो : file photo
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उत्तराखंड शासन ने वनों की आग पर काबू पाने के लिए क्राइसेस मैनेजमेंट सेल को हरी झंडी दे दी है। यह सेल खासकर प्रदेश में आग बुझाने का कार्य करेगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय लेने के लिए कई विभागों के प्रमुख सचिवों को भी सेल में शामिल किया गया है।
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2016 में वनों की आग से काफी नुकसान हुआ था। मामला हाईकोर्ट में भी पहुंचा था। इसके अलावा, आग बुझाने के लिए एयरफोर्स की मदद मांगनी पड़ी थी। सामान्य तौर पर वनों की आग पर नियंत्रण का काम फॉरेस्ट का माना जाता है, लेकिन अब आग बुझाने के काम और अन्य मदद में दूसरे विभाग भी और सक्रियता के साथ शामिल होंगे।
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मुख्य वन संरक्षक और वनाग्नि नियंत्रण के नोडल अधिकारी प्रेम शंकर श्रीवास्तव कहते हैं कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय आदि के लिए क्राइसेस मैनेजमेंट सेल के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसे हरी झंडी मिल गई है। यह सेल मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम करेगा।
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इसमें गृह विभाग, लोनिवि, वित्त समेत कई विभागों के प्रमुख सचिव शामिल होंगे। केंद्र में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन भी सेंट्रल क्राइसेस मैनेजमेंट सेल का गठन किया गया था। इसे बाद केंद्र ने भी इसी तरह का सेल के गठन करने का निर्देश दिया था।
अफसर की तैनाती का इंतजार
वन विभाग में मुख्य वन संरक्षक वन संरक्षण, वनाग्नि और आपदा प्रबंधन बना है। लेकिन, अभी तक इस पद पर किसी अफसर की तैनाती नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि चुनाव और आचार संहिता लगी होने के कारण तैनाती का आदेश नहीं हुआ है।
फायर सीजन शुरू पर तैयारी अधूरी
जंगलों का फायर सीजन 15 फरवरी से शुरू हो गया है। जाड़ों में इस बार खास बारिश न होने और बढ़ती तपिश से जंगल में अधिक खतरे का अंदेशा जताया जा रहा है। पिछले साल जंगल की आग की हुई वारदातें भी एक दशक में सबसे ज्यादा हुई, लेकिन अभी तक विभाग की तैयारी भी पूरी नहीं हो सकी है। यहां तक कि जिला अग्नि सुरक्षा समिति की तैयारी बैठक नहीं हो पाई है। चंपावत जिले में 62098.32 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र के अलावा 36780.563 हेक्टेयर पंचायती वन और 22815.7 हेक्टेयर सिविल वन हैं। बूम, देवीधुरा और भिंगराड़ा रेंज संवेदनशील वन क्षेत्र हैं। पहाड़ी इलाकों के वन में चीड़ तथा मैदानी हिस्से में बूम में साल के पेड़ और वन्य जंतु आग के नजरिए से खास संवेदनशील है। पिछले साल भी जंगल की आग की 62 घटनाओं में 137.5 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान हुआ है।
सभी क्रू-स्टेशनों में वन विभाग के कर्मचारी तैनात
फायर सीजन शुरू होते ही वन विभाग ने अपने सभी क्रू-स्टेशनों में कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। इस बार जिले में कुल 105 क्रू-स्टेशन बनाए गए हैं। हर क्रू-स्टेशन में कम से कम पांच कर्मचारियों की तैनाती की गई है। गांवों में वन अग्नि सुरक्षा समितियों का गठन किया जा रहा है और स्कूली बच्चों के माध्यम से जल्द ही जागरूकता के अभियान चलाए जाएंगे।