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राजनीतिक आकाओं के कारण फल-फूल रहा अपराध, पढ़िए अमर उजाला की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

Tue, 06 Jun 2017 08:44 AM IST
भास्कर पोखरियाल / अमर उजाला, रुद्रपुर
भास्कर पोखरियाल / अमर उजाला, रुद्रपुर Updated Tue, 06 Jun 2017 08:44 AM IST
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criminal get political support in udham singh nagar
पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के अहम जिलों में शुमार ऊधमसिंह नगर जिले में सियासत के बीच ही अपराध फलफूल रहा है। अपने राजनीतिक आकाओं के संरक्षण मिलने से यहां पर अब अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है और अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है।

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शनिवार को गंगवार और यादवों के बीच जो खूनी संघर्ष हुआ है उसमें भी कहीं न कहीं सियासत रही है। शहर के ही बड़े नेता इस या उस पक्ष के बचाव में आते भी दिखाई दिए। घटना वाले दिन से लेकर रविवार सुबह 11 बजे तक रुद्रपुर कोतवाली में राजनीतिक पार्टियों के दिग्गजों के समर्थक मंडराते और अपने-अपने पक्ष के लोगों के बचाव की जुगत लगाते रहे।
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सत्तारूढ़ दल के एक नेता का तो साफ कहना है कि शनिवार को राजेश गंगवार और ब्रिजेश यादव के बीच हुई घटना में जो अन्य लोग नामजद किए गए हैं वह पूरी तरह से निर्दोष हैं। इसमें अजय यादव दो बार भाजपा के टिकट पर सभासद का चुनाव लड़ चुके हैं। पिछले नगर निगम चुनाव में अजय यादव की पत्नी कल्पना यादव भी पार्षद का चुनाव लड़ी थी, लेकिन उस बार भी भदईपुरा के वार्ड चार से राजेश गंगवार की मां श्यामपाली निर्दलीय चुनाव जीती थीं।

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मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही पुलिस

criminal get political support in udham singh nagar
लाठीचार्ज - फोटो : demo pic

गंगवार और यादव गुट में भले ही चुनावी रंजिश चली आ रही हो लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार की घटना में अजय यादव गुट का हाथ होने की फिलहाल कोई बात सामने नहीं आ रही है। पुलिस भी इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है कि कहीं गलत तरीके से बिना बात के ही किसी को जेल भेज दिया गया तो फिर यह जंग और बड़ा रूप ले लेगी।

एएसपी देवेंद्र सिंह पिंचा का कहना है कि राजेश गंगवार के पिता की ओर से नामजद तहरीर के आधार पर सात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया है, लेकिन इसकी जांच की जा रही है कि नामजद लोग वारदात में शामिल थे कि नहीं। उनका कहना है कि ब्रिजेश यादव ने सरेंडर करके कबूला है कि गोली उसने अपने बचाव में चलाई थी साथ ही उनके दो अन्य साथियों किशन और सोनू ने भी गोली चलाई, लेकिन इसमें अजय यादव, राजेश यादव की भूमिका है या नहीं इसे भी गंभीरता से लिया जा रहा है।       

डेढ़ एकड़ जमीन की जंग      
राजेश गंगवार गोलीकांड में पुलिस की पड़ताल में  एक बात यह भी सामने आई है कि भदईपुरा में ब्रिजेश यादव और शंकर यादव के पास करीब एक डेढ़ एकड़ जमीन है, जिसमें वर्तमान में आम का बगीचा है। सूत्रों का कहना है कि राजेश गंगवार गुट नगर निगम के अंतर्गत यहां पार्क बनाने की जुगत में है।  ब्रिजेश उक्त जमीन का मालिक है और कोर्ट से भी चल रहे विवाद में उक्त भूमि ब्रिजेश और शंकर यादव के पक्ष में वैध पाई गई है।

जंग खत्म होने के आसार नहीं

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Demo pic

शनिवार को जिस तरह से दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई है उससे अभी इस जंग के खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ब्रिजेश पक्ष के लोगों का कहना है कि तराई जैसी जगह में भला कोई व्यक्ति अपनी डेढ़ एकड़ जमीन को कैसे दूसरे के हाथों में जाने देगा। उधर राजेश गंगवार के परिजनों की ओर से उनके बहनोई वीरेंद्र पटेल कहना है कि जमीनी रंजिश नहीं है। यह रंजिश मार्च माह में होली से एक दिन पहले दूधिया बाबा मंदिर में भाजपा में शामिल होने के कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद के बाद से चली आ रही है।       
     
अजय यादव भाजपा कार्यकर्ता है और दो बार नगर पालिका सभासद का चुनाव भी लड़ चुका है। राजेश यादव अजय का सगा भाई है। ये लोग भाजपा कार्यकर्ता हैं। शनिवार को जो गोलीबारी की घटना राजेश गंगवार के साथ हुई है उसमें अजय यादव राजेश यादव लोगों का कोई हाथ नहीं है। निर्दोष लोगों को फंसाना गलत है। इन लोगों को तो पुलिस घर से लेकर आई है। रविवार को भी यह लोग खुद चलकर कोतवाली पहुंचे हैं। गोली मारने वालों में ब्रिजेश और किशन ही हैं।       
- राजकुमार ठुकराल, विधायक रुद्रपुर   

राजेश गंगवार वार्ड चार से हर बार निर्दलीय ही चुनाव लड़ता रहा है। वह कभी कांग्रेस में नहीं रहा है। हां इस बार के चुनाव में उसने मेरा साथ दिया था। इससे पहले के चुनाव में वह जेल में था और उससे पहले वह भाजपा के ही समर्थन में रहा है। यहां पर यादव गुट का एक बड़ा नेटवर्क है और यह गैंगबाजी शुरू हो चुकी है जो कि अभी भी खत्म होती नहीं दिख रही है। चुनावी रंजिश है जो बढ़ती जा रही है।       
- तिलकराज बेहड़, वरिष्ठ कांग्रेसी एवं पूर्व मंत्री

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