हाईकोर्ट के गेट से युवती को बदमाशों ने उठाया
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हरिद्वार में प्रेम विवाह करने के बाद सुरक्षा मांगने नैनीताल हाईकोर्ट जा रही सितारगंज की एक युवती को अगवा किए जाने की घटना ने बृहस्पतिवार को शांत सरोवर नगरी को अशांत कर दिया।
बदमाशों की हिमाकत देखिए, वे युवती को हाईकोर्ट गेट से कुछ पहले अगवा कर मोटरसाइकिल पर ले भागे।
कोर्ट से लगभग 200 मीटर दूर युवती के चिल्लाने पर क्षेत्रवासियों ने बदमाशों को पकड़ लिया और उनकी जमकर धुनाई कर युवती को छुड़ा लिया।
दोनों ने आर्य समाज मंदिर में किया विवाह
याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को लड़की को अगवा करने की सूचना दे दी, जिस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस को 12 बजे तक हर हाल में अदालत में पेश करने के निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस हरकत में आई लोगों द्वारा छु़ड़ाई गई युवती को कोर्ट में पेश किया। ताज्जुब की बात यह है पुलिस बदमाशों को नहीं पकड़ पाई। अपहर्ता कौन थे, कहां गए इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं।
जानकारी के मुताबिक सितारगंज निवासी जयपाल कांबोज पुत्र देशराज और सितारगंज की ही रहने वाली निशा एक दूसरे से प्यार करते थे।
परिजनों के विरोध को देखते हुए दोनों ने 16 मई 2014 को हरिद्वार आर्य समाज में विवाह कर लिया। दोनों ने हाईकोर्ट में सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले भागे बदमाश
बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे दोनों हाईकोर्ट जा रहे थे कि कोर्ट गेट से कुछ पहले बदमाशों ने निशा का अपहरण कर लिया और उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर बीडी पांडे मार्ग की ओर जाने लगे।
लड़की के चिल्लाने पर क्षेत्र के लोग एकत्र हुए और उन्होंने अपहरणकर्ताओं को पकड़कर उनकी धुनाई कर दी और लड़की को छुड़ा लिया।
इस बीच, कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और युवती को अपने साथ कोतवाली ले गई। बाद में पुलिस ने उसे 12 बजे कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट का रुख सख्त, एसएसपी को दिए निर्देश
एक्टिंग चीफ जस्टिस वीके बिष्ट और न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ग्राम कटकरिया थाना सितारगंज जिला ऊधमसिंह नगर निवासी निशा और एक अन्य ने हाईकोर्ट में अपनी सुरक्षा के लिए याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि दंपति इस केस के लिए हाईकोर्ट आ रहा था कि लड़की को रास्ते में कुछ लोगों ने अगवा कर लिया है।
इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसएसपी नैनीताल को निर्देश दिया कि दोनों को 12 बजे तक कोर्ट में पेश करें।
पुलिस ने दोनों को कोर्ट में किया पेश
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। याचिका में कहा गया था कि युवक युवती अलग-अलग धर्म के हैं।
दोनों बालिग है तथा उन्होंने मर्जी से हरिद्वार आर्य समाज मंदिर में 16 मई 2014 को विवाह किया। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसे अपने रिश्तेदारों से खतरा है।
पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने एसएसपी ऊधमसिंह नगर और एसएचओ सितारगंज को विवाहित जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए तथा एसएसपी नैनीताल से कहा कि वह दोनों को उनके घर (प्रेमी युगल के घर) सितारगंज अपनी सुरक्षा में पहुंचाए।
हमें जान का खतरा: नवदंपति
नवविवाहित दंपति ने कहा कि उनकी जान का खतरा बरकरार है। युवती का कहना है कि उसके रिश्तेदार रसूखदार जनप्रतिनिधि हैं तथा ऊंची पहुंच रखते हैं। इसी कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी।
सुरक्षा देना प्राथमिकता
‘नव विवाहित जोड़े को सुरक्षा देना पुलिस की प्राथमिकता थी। इसी क्रम में दोनों को सितारगंज में उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है। शीघ्र ही अपहर्ताओं की जानकारी लेकर उनकी गिरफ्तारी तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।'
-एसएसपी, विम्मी सचदेवा।