सब खड़े रहे, महिला ने छिड़क लिया केरोसिन लेकिन...
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महिला राज्य आंदोलनकारी ने देहरादून के कचहरी स्थित शहीद स्थल पर आत्मदाह का प्रयास किया। वह शहीद स्थल आ रहे दो आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने से खफा थी।
आंदोलनकारियों को नौकरी में दस प्रतिशत आरक्षण की मांग भी महिला ने उठाई। महिला के खुद पर केरोसिन छिड़कते ही हंगामा हो गया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह केरोसिन का डब्बा छीना। इस दौरान धक्कामुक्की में महिला आंदोलनकारी बेहोश हो गई। उसे दून अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
आरक्षण एवं सेवा बहाली की मांग पर अमल न होने से नाराज राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार द्वारा शीघ्र निर्णय न होने पर 24 घंटे के भीतर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसे देखते हुए बृहस्पतिवार सुबह से ही शहीद स्थल के पास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
इस बीच शहीद स्थल पर धरने पर बैठे आंदोलनकारियों को मालूम हुआ कि वहां आ रही आंदोलनकारी शकुंतला बमराड़ा और सूर्यकांत बमराड़ा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दोनों ने आत्मदाह की चेतावनी दी थी। आंदोलनकारियों ने दोनों को तुरंत छोड़ने की मांग की। मूलत: लोअर बाजार पौड़ी निवासी वीरा भंडारी ने चेताया कि रिहाई न हुई तो वह आत्मदाह कर लेंगी।
अनहोनी होने से पहले पहुंची पुलिस
शाम तक शकुंतला और सूर्यकांत शहीद स्थल नहीं पहुंचे तो वीरा भंडारी ने खुद पर अचानक मिट्टी का तेल छिड़क लिया। इससे पहले कि वह खुद पर आग लगातीं, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस बीच छीनाझपटी में वीरा बेहोश हो गईं। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। वहां उनका उपचार चल रहा था।
पांच पर शांतिभंग की कार्रवाई
पुलिस ने वीरा भंडारी समेत पांच आंदोलनकारियों पर शांतिभंग की कार्रर्वाई की है। इनमें सुबह शहीद स्थल जाने से रोके गए शकुंतला बमराड़ा और सूर्यकांत बमराड़ा भी शामिल हैं। आत्मदाह के प्रयास के दौरान दो अन्य आंदोलनकारियों क्रांति कुकरेती और गणेश शाह को भी हिरासत में लिया गया।
सीओ सिटी मनोज कत्याल ने पुष्टि करते हुए बताया कि चालान कर दिया गया। उधर, क्रांति कुकरेती ने पुलिस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया। मांग की कि सरकार आंदोलनकारियों को आरक्षण तुरंत बहाल करे।