RTI एक्टिविस्ट की बेटियों के साथ बेरहमी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी में आरटीआई कार्यकर्ता और उसके परिवार पर हमला करने वालों ने कार्यकर्ता की लड़कियों को बड़ी बेरहमी से पीटा।
पेट के निचले हिस्से पर डंडे से प्रहार किया। बेटियों को बचाने आई मां को भी हमलावरों ने नहीं छोड़ा।
फार्मेसी की छात्रा शिखा ने बताया कि घर में देवी जागरण हुआ था। रविवार शाम लगभग साढ़े छह बजे सबके जाने के बाद सफाई हो रही थी। पिता राजेश सिंह घर के पीछे क्यारी में पत्तल जला रहे थे।
लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे चार लोग
बिना नंबर की इंडिका कार में चार लोग लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे। उसने आरोप लगाया कि मोनू और कमल पांडे गाड़ी से उतरकर गाली देते हुए घर के अंदर दाखिल हुए।
दादा आरपी सिंह और दादी शिवसखी को धक्का देते हुए दूसरे कमरे में पहुंच गए। गाली-गलौज का विरोध करने पर उन्होंने शिखा पर डंडे से हमला कर दिया।
शिखा के विरोध करने पर उसके पेट के निचले हिस्से में डंडे से वार किया। उसके बाएं हाथ और दाहिने हाथ की अंगुलियों में फैक्चर हुआ है। शिखा मदद के लिए कराहती रही, मगर किसी ने नहीं सुनी।
हमलावरों ने शालिनी के साथ की अभद्रता
बीच बचाव करने आई शिखा की मां सुमन सिंह पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। उसके पिता राजेश सिंह के हाथ में भी फैक्चर हुआ है।
कक्षा दस की छात्र शालिनी ने बताया कि मोनू और कमल पांडे ने उसके साथ भी मारपीट की।
शालिनी ने बताया कि वह तेज बुखार के कारण कृष्णा हास्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में आईसीयू में भर्ती थी। उसे 27 जून को अस्पताल से छुट्टी मिली।
शालिनी का आरोप है कि दोनों ने उसके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी।
दोनों ने उसके सिर पर डंडे से वार किया। उसने आरोप लगाया कि दोनों अगवा करने के इरादे से कार तक घसीटते हुए ले गए।
एक आरोपी पुलिस के हवाले
कालोनी के लोगों ने इंडिका कार के शीशे तोड़ दिए, इस बीच तीन आरोपी भाग निकले, जबकि कमल पांडे को दबोच लिया। लोगों ने कमल को पुलिस के हवाले किया।
शालिनी का आरोप है कि सोमवार को रुद्रपुर के जिला अस्पताल में जब मेडिकल हो रहा था तो मोनू और राकी टाकुली अपना मेडिकल कराने पहुंच गए।
उसने बताया कि विरोध करने पर पुलिस की मौजूदगी में मोनू और राकी टाकुली दीवार कूदकर भाग निकले।