रेप पीड़ित संवासिनी ने की दरिंदे की पहचान, फोटो देख उबल पड़ी
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नारी निकेतन में दुराचार और गर्भपात का शिकार संवासिनी ने हवस का शिकार बनाने वाले दरिंदे को पहचान कर सारे रहस्यों से पर्दा उठा दिया। मूक बधिर ने नारी निकेतन के अंदर के इस दुराचारी के फोटो पर शनिवार को उंगली रखने के साथ सांकेतिक भाषा में अपना आक्रोश उगल दिया।
कई दिन से चार संदिग्धों को लेकर उलझन में फंसी पुलिस की मन की मुराद भी पूरी हो गई। हालांकि, आरोपी के हलक से यह सच बाहर नहीं आ सका। दुष्कर्म के लिए वह दूसरे कर्मचारी पर आरोप लगाकर अपना बचाव कर रहा है। अब पीड़िता के 164 के बयान के बाद पुलिस अपनी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचा सकती है।
सत्य परेशान है, लेकिन पराजित नहीं। नारी निकेतन मामले में यह कहावत फिर चरितार्थ हुई है। मूक बधिर को शिकार बनाते हुए वहशी ने कभी नहीं सोचा था कि उसकी काली करतूत आगे जाकर उसके गले की फांस बन जाएगी, क्योंकि दुष्कृत्य का कोई राजदार नहीं था।
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को मिला साक्ष्य
आरोपी आश्वस्त था कि गूंगी-बहरी तो कम से कम उसका राज नहीं खोल सकती थी। नारी निकेतन तंत्र ने भी इंसाफ दिलाने के लिए उस पर ही अत्याचार किया। वक्त बदला, नारी निकेतन की करतूत फैक्स के जरिए उजागर हुई तो अमर उजाला ने सच तक पहुंचने की मुहिम छेड़ दी।
सरकार गंभीर हुई तो नतीजा सामने आने में देर नहीं लगी। एसआईटी के प्रयासों से पूरी साजिश का परदाफाश हो गया। पीड़ित संवासिनी के मिलने के साथ मेडिकल में दुराचार और गर्भपात की पुष्टि हो गई।
भ्रूण को बरामद करने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि चार संदिग्धों में से कौन दुराचारी है। काफी प्रयासों के बाद भी जब कामयाबी नहीं मिली तो वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर फैसला करने पर सहमति हुई।
संदिग्ध के फोटो पर रखी पीड़िता ने उंगली
पुलिस ने शनिवार को फिर पीड़ित संवासिनी के सामने संदिग्धों के फोटो रख दिए। अंदर से सुलग रही संवासिनी ने एक संदिग्ध के फोटो पर उंगली रख दी तो पुलिस की बांछें खिल गईं। पुष्टि के लिए फिर पूछा गया तो संवासिनी क्रोधित होकर फोटो पर उंगली दबाती चली गई।
पुलिस ने पीड़िता की पहचान के बाद आरोपी से पूछताछ की, लेकिन वह सच बताने को तैयार नहीं हुआ। उम्मीद जताई जा रही है कि 164 के बयान के बाद पुलिस इस मामले में आरोपी का चेहरा बेनकाब कर सकती है।
बयान के बाद होगी तस्वीर साफ
पीड़िता के बयान के बाद नारी निकेतन में दुराचार के मामले की तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है। साक्ष्यों का संकलन चल रहा है, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सदानंद दाते, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक