50 लाख की धोखाधड़ी, ज्वैलर्स की तलाश में पुलिस की छापेमारी
- छत्तीसगढ़ की एक कंपनी से बिजली बिकवाने के एवज में लिए थे 50 लाख रुपये
- बिजली न बिकवाने पर एक माह में ब्याज सहित रकम वापस करने का किया था वादा
- गिरफ्तारी के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस तीन दिन से डाले हुए हैं रुड़की में डेरा, आरोपी फरार
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छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम ने 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में सोमवार को सिविल लाइंस स्थित गीतांजलि ज्वैलर्स के शोरूम मालिक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। लेकिन आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा। कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि शोरूम मालिक पिछले 15 दिन से शहर में नहीं हैं।
छत्तीसगढ़ से पहुंची पुलिस टीम के एएसआई आरएस नेताम ने बताया कि ‘आईए एनर्जी बोरझरा रायपुर’ का चंबा (हिमाचल) में पावर प्लांट है। वहां से पैदा होने वाली बिजली को बेहतर मूल्य पर दिलाने के एवज में गीतांजलि ज्वैलर्स के मालिक अश्वनी सैनी ने 50 लाख रुपये की पेशगी ली थी।
साथ ही एक माह में कार्य नहीं होने पर ब्याज सहित पैसा लौटाने का एग्रीमेंट किया था। दोनों पक्षों के बीच 20 अक्तूबर 2015 को करार हुआ था। लेकिन जब समझौते का अनुपालन नहीं हुआ तो कंपनी ने पैसे वापस मांगे।
छत्तीसगढ़ में दर्ज हुआ मुकदमा
आरोप है कि इस पर अश्वनी ने फर्जी हस्ताक्षर वाले चेक वापस कर दिए। जांच में हकीकत उजागर होने पर आईए एनर्जी के जीएम (एचआर) मनोज कुमार पुरी की ओर से छत्तीसगढ़ में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
29 अप्रैल को पुलिस आरोपी की तलाश में रुड़की पहुंची। छानबीन के बाद पुलिस दोपहर में गीतांजलि ज्वैलर्स शोरूम पहुंची। लेकिन अश्वनी सैनी हत्थे नहीं चढ़ा। कर्मचारियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम के अनुसार वह पिछले तीन दिन से उसकी तलाश कर रही है।
आरोपी के घर भी पहुंची पुलिस
गीतांजलि ज्वैलर्स पर छापेमारी से पहले छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम स्थानीय पुलिस के साथ आरोपी अश्वनी सैनी के रामनगर स्थित श्रीराम अपार्टमेंट में भी पहुंची और वहां भी कई लोगों से पूछताछ की।