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तेंदुए की खाल के साथ चाचा-भतीजा गिरफ्तार
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 29 Dec 2013 08:06 PM IST
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रायपुर पुलिस ने तेंदुए की खाल के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी केवल खुराना ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
एक हफ्ते पुरानी है खाल
पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि खाल के साथ तस्करों के दून में पहुंचने की सूचना मिली थी।
रायपुर एसओ एसएस बिष्ट ने टीम के साथ रिंग रोड पर छापा मारा और नरेंद्र पुत्र दीवान सिंह और अनिल पुंडीर पुत्र विक्रम सिंह निवासी गांव जसयारा कर्णप्रयाग, चमोली को गिरफ्तार किया। तस्करों से मिली खाल करीब एक हफ्ते पुरानी बताई गई है।
पहले भी जा चुका है जेल
नरेंद्र और अनिल रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं और कर्णप्रयाग में दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं। नरेंद्र पहले भी चमोली से शराब तस्करी में जेल जा चुका है।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह खाल चमोली में बीस हजार रुपये में शूरवीर नाम के व्यक्ति से खरीदी थी।
ढाई लाख में तय था सौदा
दून में खाल को ढाई लाख रुपये में बेचने आए थे। तस्करों के पास उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी मिला है, जिसे खाल पहुंचाई जानी थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि दोनों तस्करों को रिमांड पर लिया जाएगा और गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे फंसाते हैं तेंदुए को
तस्करों ने बताया कि शिकारी गिरोह के सदस्य जंगल में लोहे के नुकीले फंदे में मांस का टुकड़ा रख कर तेंदुए को फंसाते हैं। एक बार फंदे में फंसने के बाद तेंदुए को पैने हथियारों और लाठी-डंडों से पीटा जाता है।
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तेंदुए की मौत होने पर उसकी खाल और दूसरे अंगों को अलग कर बेच दिया जाता है।
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एसएसपी केवल खुराना ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
एक हफ्ते पुरानी है खाल
पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि खाल के साथ तस्करों के दून में पहुंचने की सूचना मिली थी।
रायपुर एसओ एसएस बिष्ट ने टीम के साथ रिंग रोड पर छापा मारा और नरेंद्र पुत्र दीवान सिंह और अनिल पुंडीर पुत्र विक्रम सिंह निवासी गांव जसयारा कर्णप्रयाग, चमोली को गिरफ्तार किया। तस्करों से मिली खाल करीब एक हफ्ते पुरानी बताई गई है।
पहले भी जा चुका है जेल
नरेंद्र और अनिल रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं और कर्णप्रयाग में दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं। नरेंद्र पहले भी चमोली से शराब तस्करी में जेल जा चुका है।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह खाल चमोली में बीस हजार रुपये में शूरवीर नाम के व्यक्ति से खरीदी थी।
ढाई लाख में तय था सौदा
दून में खाल को ढाई लाख रुपये में बेचने आए थे। तस्करों के पास उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी मिला है, जिसे खाल पहुंचाई जानी थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि दोनों तस्करों को रिमांड पर लिया जाएगा और गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे फंसाते हैं तेंदुए को
तस्करों ने बताया कि शिकारी गिरोह के सदस्य जंगल में लोहे के नुकीले फंदे में मांस का टुकड़ा रख कर तेंदुए को फंसाते हैं। एक बार फंदे में फंसने के बाद तेंदुए को पैने हथियारों और लाठी-डंडों से पीटा जाता है।
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तेंदुए की मौत होने पर उसकी खाल और दूसरे अंगों को अलग कर बेच दिया जाता है।