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स्कूल वैन रेप: 'दो अंकल मेरे साथ गंदे-गंदे काम करते थे, दर्द होने पर रोती तो थप्पड़ मारते थे'

Sat, 22 Sep 2018 08:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sat, 22 Sep 2018 08:21 AM IST
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nursery girl sexually assault in school van victim small girl tell bitter reality
d - फोटो : getty images

स्कूल वैन में दो अंकल मेरे साथ गंदे-गंदे काम करते थे। रोने पर एक अंकल थप्पड़ भी मारते थे। ये बात बच्ची ने इलाज के दौरान डॉक्टर को बताई, तो डॉक्टर के साथ ही माता-पिता भी सकते में आ गए थे।

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नैनीताल रोड स्थित एक नर्सिंग होम की महिला डॉक्टर ने बताया कि 17 सितंबर को पीड़िता को लेकर माता-पिता दोपहर में पहुंचे थे। डॉक्टर के अनुसार पीड़िता के साथ जो हुआ था, उसे मेडिकल की भाषा में दुष्कर्म ही कहा जाता है। उन्होंने घटना के बारे में पीड़िता की मां को जानकारी दी।
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मां के सामने डॉक्टर ने बच्ची से पूछना शुरू किया तो मासूम ने बताया कि वैन में दोनों अंकल ने उसके साथ कई बार गंदा काम किया। दर्द होने पर जब रोती थी, तो अंकल थप्पड़ मारते थे।
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इस मामले के सामने आने के बाद शुक्रवार को हल्द्वानी में विभिन्न संगठनों ने स्कूल के गेट के आगे नारेबाजी की। गुस्साए लोगों ने स्कूल प्रबंधन का पुतला फूंका। हंगामा इतना बढ़ गया कि उसे शांत कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को पहुंचना पड़ा। वहीं अभिभावक संघर्ष समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एसडीएम कोर्ट में स्कूल के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। 

संवेदनशील मामले पर संवेदनहीन अधिकारी

बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद प्रशासन का रवैया संवेदनहीन रहा। मामले की जानकारी होने के बाद समाजसेवियों से लेकर राजनैतिक दलों तक के लोग काठगोदाम थाने तक पहुंच गए पर सिटी मजिस्ट्रेट को कोई जानकारी नहीं थी।

जब उनको घटना के बारे में जानकारी देने के साथ प्रशासन का रुख जानना चाहा गया तो सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय बोले.. यह तो पुलिस का मामला है।

बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद काठगोदाम थाने में लोग पहुंच गए थे। यह मामला पुलिस और खुफिया विभाग तक भी पहुंच गया था।

पुलिस को अब सत्यापन की याद आई 

अमर उजाला ने जब सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय से घटना के बाबत जानकारी चाही तो वह बोले-ऐसा कोई भी मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

उपाध्याय का कहना था कि यह पुलिस से संबंधित मामला है। इसमें उनका दखल (हालांकि बीते दिनों में गैस गोदाम रोड पर अनीता रौतेला पर हमले जैसे मामले आने पर सिटी मजिस्ट्रेट घटनास्थल का दौरा करते भी रहे हैं) देना उचित नहीं है।

इसी बीच बातचीत के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट बोले, परिजन यदि रिपोर्ट दर्ज कराएंगे तो वह अपने स्तर पर पुलिस को मामले में ठोस कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। डीएम विनोद कुमार सुमन ने भी घटना की जानकारी होने से इंकार किया था। हालांकि उन्होंने पुलिस से जानकारी लेने और कार्रवाई कराने की बात कही।
 

पुलिस स्कूली बसों को देखकर कोई पूछताछ नहीं करती

एक स्कूल के चालक और परिचालक पर दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद जिला पुलिस को सत्यापन की बात याद आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।   

जिले के कई स्कूलों में चालक और परिचालक ठेके पर काम करते हैं। स्कूल प्रबंधन को चालकों और परिचालकों का सत्यापन कराना जरूरी होता है।

सत्यापन नहीं कराने पर पुलिस स्कूल प्रबंधन का चालान करती है। कई स्कूलों के चालक और परिचालकों का सत्यापन अब तक नहीं किया गया है। पुलिस स्कूली बसों को देखकर कोई पूछताछ नहीं करती है।
 

पिछले साल ऑरम स्कूल में बवाल होने पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाई थी। पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को सीसीटीवी लगाने और सुरक्षा के मानकों का पालन करने की हिदायत दी थी।

कितने स्कूलों ने मानकों का पालन किया, इस बारे में पुलिस के पास कोई आंकड़ा नहीं है। अब पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाकर जांच की जाएगी। 

पूरे घटनाक्रम में पीड़ित परिवार मुकदमा दर्ज कराने से पीछे हट रहा था। पुलिस के प्रयास पर सामाजिक कार्यकर्ता कैप्टन अनिल गुप्ता ने मुकदमा दर्ज कराया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। स्कूल की वैन में घटना हुई है। इस कारण स्कूल प्रबंधन को भी नहीं बख्शा जाएगा। 
- जन्मेजय खंडूरी, एसएसपी नैनीताल

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