शेरवुड कॉलेज प्रबंधन पर हत्या का मुकदमा दर्ज
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नैनीताल के प्रतिष्ठित शेरवुड कॉलेज के छात्र शान प्रजापति की नोएडा के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन नोएडा के अस्पतालों में इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन जीते जी अपने बच्चे का मुंह नहीं देख सके।
उसकी मां नीना श्रेष्ठ ने कॉलेज प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाना सेक्टर-20 में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया है। चूंकि, मामला नैनीताल से जुड़ा है इसलिए मामला वहां ट्रांसफर होगा।
जानकारी के अनुसार काठमांडू निवासी डॉ. आकेश प्रजापति डॉक्टर हैं और उनकी पत्नी नीना श्रेष्ठ वर्ल्ड बैंक में अधिकारी हैं। इनका बेटा शान प्रजापति (15 वर्ष) उत्तराखंड के नैनीताल स्थित शेरवुड कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ता था।
परिजनों के अनुसार 27 अक्टूबर को शान काठमांडू स्थित अपने घर से स्कूल हॉस्टल के लिए निकला था। 28 अक्टूबर को स्कूल मैनेजमेंट ने शान के परिजनों को उसके हॉस्टल पहुंचने की सूचना दी थी। स्कूल प्रबंधन से मेल के जरिए ही परिजनों से बातचीत होती थी।
सीनियर स्टूडेंट ने फोन पर दी थी जानकारी
12 नवंबर को कॉलेज के एक सीनियर स्टूडेंट ने शान के घर फोन कर जानकारी दी कि उनका बेटा बीमार है और उसकी हालत गंभीर है। छात्र ने प्रबंधन से अपना नाम नहीं बताने की बात कही थी। इसके बाद शान के पिता ने स्कूल प्रिंसिपल को मेल करके उसका हाल-चाल पूछा, लेकिन कॉलेज की ओर से जवाब नहीं आया।
इस बाबत शेरवुड विद्यालय के प्रधानाचार्य अमनदीप संधू का कहना है कि विद्यालय के छात्र की मौत से हम सभी बहुत दु:खी हैं। उनका कहना है कि प्रबंधन की ओर से पूर्व में छात्र के बीमार होने की जानकारी परिजनों को दे दी गई थी। इसकी सूचना के बाद वह भी नोएडा पहुंच गए थे।
परिजनों ने कॉलेज में 13 नवंबर को फोन कर शान के बारे में पूछा तो प्रबंधन ने बताया गया कि उसे निमोनिया हो गया है। कॉलेज प्रबंधन ने छात्र को हल्द्वानी के ‘बॉम्बे हॉस्पिटल’ में भर्ती कराया। काठमांडू से छात्र की मां परिजनों को लेकर अस्पताल पहुंची तो बताया कि 13 नवंबर की रात 11.50 बजे छात्र को नोएडा के मैक्स अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
नोएडा पहुंचते-पहुंचते बिगड़ गई थी हालत
परिजन यह सुनकर नोएडा के लिए दौड़ पड़े। 14 नंवबर की दोपहर शान के परिजन मैक्स हॉस्पिटल पहुंचे। वहां बताया गया कि शान यहां एडमिट नहीं है। मैक्स हॉस्पिटल वालों ने परिजन को फोर्टिस अस्पताल के लिए भेज दिया।
परिजन वहां पहुंचे तो बताया कि शान को सेक्टर-26 स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया है। परिजन वहां पहुंचे तो पता चला कि उपचार शुरू होते ही छात्र की मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची थाना सेक्टर-20 पुलिस ने छात्र के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का खुलासा हो सकता है।
कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज
एसओ रीता यादव ने बताया कि परिजन द्वारा शनिवार दोपहर थाना सेक्टर-20 पहुंचे और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ छात्र के बीमार होने की बात छिपाने और उसे देहरादून, नैनीताल के किसी बड़े अस्पताल में एडमिट कराने की बजाए बिना डॉक्टरों के एक प्राइवेट एंबुलेंस में डालकर नोएडा के अस्पताल रेफर करने, जिसके चलते बेहतर इलाज के अभाव में छात्र की मौत होने पर मामला दर्ज कराया है।
शान प्रजापति को 13 नवंबर को हल्द्वानी बॉम्बे हास्पिटल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। शान की बीमारी पकड़ में नहीं आ सकी। शान की ब्लड जांच रिपोर्ट में कई टीएलसी और डीएलसी काफी कम थी, जिससे आशंका लगाई गई कि वह ब्लड कैंसर से पीड़ित था। बीमारी का पता नहीं लगने पर शान को दिल्ली रेफर कर दिया।
- डॉ. शैलेंद्र मिश्रा, निदेशक बॉम्बे हॉस्पिटल