मिस्ड काल से शुरू कहानी ने पहुंचा दिया जेल
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कर्णप्रयाग क्षेत्र में नाबालिग को बहला फुसला कर भगाने के आरोप में पुलिस ने मथुरा निवासी (उप्र.) दोनों युवकों को न्यायिक मजिस्ट्रेट गोपेश्वर की अदालत में पेश करने के बाद जिला जेल पुरसाड़ी भेज दिया। वहीं नाबालिग का जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
बुधवार को मथुरा के मोनू और अशोक (तुलसीनगर थाना हाईवे निवासी) को जिले की एक नाबालिग के साथ बृहस्पतिवार को नगर में घूमते हुए पकड़ा गया था।
युवकों से पूछताछ में नाबालिग को बहला फुसला कर शादी के लिए ले जाने का मामला सामने आया और युवकों के खिलाफ शादी के लिए जबरन ले जाने का मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस उपनिरीक्षक मोहन चंद्र पडलिया ने बताया कि आरोपी युवकों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
मिस्ड कॉल से शुरू हुई थी दोनों में बात
नाबालिग का उसके परिजनों की उपस्थिति में जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
एसआई पडलिया ने अब तक की जांच के अनुसार बताया कि नाबालिग का छह माह पूर्व मथुरा निवासी कृष्णा जो कि मोनू का भाई है, से मिस्ड कॉल से संपर्क हुआ था। इसके बाद लगातार बात बढ़ी और इस दौरान एक बार कृष्णा भी नाबालिग के गांव पहुंचा था।
उन्होंने बताया कि कृष्णा ने किशोरी को लाने के लिए अपने भाई मोनू और अन्य युवक अशोक को यहां भेजा जो नाबालिग को चमोली से कर्णप्रयाग तक ले आए थे। इस बीच नाबालिग ने जाने का विरोध किया। नाबालिग की ओर से विरोध करने के चलते युवक पकड़ में आए।