खुफिया अड्डे पर धमाके का सामान जुटा रहे थे IS मॉड्यूल्स
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आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच की टीम शुक्रवार को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए आतंकी साजिश के आरोपियों मेहराज और अजीम को लेकर लंढौरा पहुंची। दोनों की निशानदेही पर टीम ने जौरासी के जंगल से बारूद बरामद किया है। लंढौरा में मेहराज के घर से आतंकी संगठन की ओर से दिए गए 38 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की गई है।
आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच की टीम ने 19 जनवरी को लंढौरा से मेहराज एवं अजीम और जौरासी गांव से ओसामा एवं अखलाक को आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला था कि चारों आरोपी आईएसआईएस आतंकी संगठन के लिए काम कर रहे हैं।
चारों युवक अर्द्धकुंभ में आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। शुक्रवार को आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच की टीम मेहराज और अजीम को कड़ी सुरक्षा में लंढौरा लेकर पहुंची।
संदिग्ध आतंकियों की निशानदेही पर की गई बरामदगी
यहां पर अजीम की निशानदेही पर चार मोबाइल फोन के कवर आदि बरामद किए गए। इसके बाद टीम अजीम को जौरासी के जंगल ले गई। यहां से अजीम की निशानदेही पर टीम ने रेलवे ट्रेक के समीप स्थित एक ट्यूबवेल के पास से जमीन में दबी एक पोटली बरामद की जिसमें बम बनाने के लिए माचिस की तिल्लियों का मसाला भरा हुआ था।
इसके बाद टीम दोनों संदिग्ध आतंकियों को कड़ी सुरक्षा में अज्ञात स्थान पर ले गई। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय पुलिस भी पूरी प्रक्रिया के दौरान टीम के साथ रही।
बारूद एकत्रित करने को चुना सुनसान इलाका
अर्द्धकुंभ में आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए जो बम बनाया जा रहा था उसकी भनक किसी को न लगे इसके लिए चारों युवकों ने जौरासी गांव जाने वाली सड़क से लगभग दो किमी दूर जंगल का सुनसान इलाका चुना। सूत्रों की माने तो यहीं पर चारों प्लान बनाते थे।
अर्द्धकुंभ में बम विस्फोट के लिए जो बम बनाया जा रहा था। उसके लिए बारूद की आवश्यकता थी। इसके लिए इन्होंने जौरासी गांव के जंगल में स्थित एक खंडहर पड़े ट्यूबवेल को अपना अड्डा बनाया।
इस जगह पर पहुंचने का रास्ता इतना ऊबड़-खाबड़ है कि यहां कोई दिन में भी आता-जाता नहीं। सूत्रों की मानें तो अखलाक, ओसामा, अजीमुस्सान और मेहराज यहीं बड़ी मात्रा में माचिस लेकर पहुंचते थे और उनका मसाला निकालते थे। उसके बाद मसाले को एक पॉलीथिन में बंद कर दबा देते थे। इसके बाद तीलियों को जला देते थे। अभी मसाला और एकत्रित किया जाना था। लेकिन उससे पहले आईबी ने चारों का पर्दाफाश कर दिया।
मेहराज के परिजनों ने काटा हंगामा
आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच की टीम दोपहर एक बजे के लगभग संदिग्ध मेहराज और अजीम को लेकर लंढौरा पुलिस चौकी पर पहुंची। इसके बाद टीम स्थानीय पुलिस के साथ मेहराज के घर पहुंची। मेहराज की निशानदेही पर टीम ने 38 हजार रुपये बरामद किए।
इसी दौरान टीम मेहराज को लेकर वापस लौटने लगी तो परिजनों और परिचितों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि मेहराज निर्दोष है। उसे झूठा फंसाया जा रहा है। इस दौरान मेहराज के परिजनों और परिचितों ने मिलकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।
टीम ने बदला रास्ता
जौरासी के जंगल से जिस समय अजीम की निशानदेही पर बारूद की पोटली बरामद कर आईबी लौट रही थी तभी रेलवे ओवर ब्रिज के समीप से आइबी ने एकाएक अपनी गाड़ी मुख्य रास्ते से उतारकर कच्चे रास्ते पर ले ली।
इसके बाद टीम रेलवे ट्रेक के साथ-साथ नगला इमरती गांव होते हुए रुड़की पहुंची। हालांकि स्थानीय पुलिस मुख्य रास्ते से ही लौटी है। मेहराज का घर रुड़की-लक्सर मुख्य मार्ग पर है। बताया जा रहा है कि मेहराज के घर के बाहर भीड़ होने की वजह से एवं सुरक्षा के लिहाज से टीम ने यह रास्ता बदला।