आश्रम में पत्नी की हत्या कर बेटों संग पति हुआ फरार
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हल्द्वानी के फतेहपुर स्थित श्री रामकृष्णधाम आश्रम में पत्नी की हत्या कर पति दो बेटों के साथ फरार हो गया। कमरे से दुर्गंध आने पर आश्रम के ठेकेदार को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची मुखानी पुलिस ने दरवाजा तोड़कर पत्नी के शव को बाहर निकाला। आशंका है कि उसे जहर देने के बाद गला घोटकर मारा गया है।
अलबत्ता, शव फूला होने के कारण स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। एसएसपी सेंथिल अबुदई और एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान ने भी मौका मुआयना किया। साथ ही पति एवं उसके दो बच्चों की तलाश के लिए जिले और सीमावर्ती थानों की पुलिस को सतर्क कर दिया है।
बरेली जिले के तुलसापट्टी शाही निवासी राजमिस्त्री प्रमोद कुमार (35) फतेहपुर स्थित श्री रामकृष्ण धाम आश्रम में पत्नी शीला और दो बच्चों के साथ रहता था। रविवार सुबह लगभग दस बजे पति अपने दो बच्चों को साइकिल पर बैठाकर कहीं चला गया। पति को पत्नी के बगैर जाते देखकर आश्रम के ठेकेदार बांकेलाल को शक हुआ।
उसने आश्रम के प्रथम तल में जाकर देखा तो प्रमोद के कमरे में ताला लगा था। अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ठेकेदार ने इसकी सूचना आश्रम के संत स्वामी चिदानंद को दी। स्वामी ने भी कमरे से निकलती दुर्गंध को भांपते हुए पुलिस और ग्राम प्रधान के पति को इसकी जानकारी दी।
सूचना पर मुखानी थानाध्यक्ष संजय पांडेय ने आश्रम पहुंचकर कमरे का ताला तोड़ा तो वहां से दुर्गंध आ रही थी और चारपाई पर प्रमोद की पत्नी शीला का शव पड़ा था। सूचना पर एसएसपी सेंथिल अबुदई, सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी भी मौके पर पहुंच गए। जांच से पता चला कि शव चार दिन तक अंदर रहने के कारण फूल गया है और इसी कारण शव पर फफोले भी पड़ गए हैं।
आशंका है कि जहर देने के बाद महिला का गला घोटा गया होगा। इसी कारण मुंह से खून भी निकला था। चारपाई के पास जहर की गोलियां भी पड़ीं थीं। एसएसपी के पूछने पर संत स्वामी चिदानंद और ठेकेदार बांकेलाल ने बताया कि पांच दिन पहले उन्होंने महिला को देखा था। प्रमोद शराबी है और उसके दो बच्चे हैं एक दो साल का, जबकि दूसरा नौ माह का।
तो चार दिन तक शव के साथ रहा पति
पुलिस की तीन टीमों को प्रमोद को ढूंढने के लिए लगा दिया है। एसओजी की टीम पति के मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।
संत स्वामी चिदानंद के अनुसार प्रमोद ने बताया था कि उसकी पत्नी बीमार है। इलाज कराया जा रहा है। रविवार को स्वामी ने प्रमोद से पूछा तो उसने जवाब दिया कि पत्नी को दवा दी है और वह अब ठीक हो गई है। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि प्रमोद अपनी पत्नी की मौत का राज कई दिनों से छिपाता रहा है।
आश्रम के प्रथम तल पर प्रमोद परिवार के साथ रहता था, जबकि भूतल पर आश्रम के बगीचे का ठेकेदार बांकेलाल रहता है। ठेकेदार का कहना था उसकी पत्नी रोज पानी लेने नीचे आती थी, लेकिन पांच दिनों से प्रमोद की पत्नी दिखाई नहीं दी। पुलिस ने दोनों की बातों से अनुमान लगाया है कि प्रमोद चार दिन तक शव के साथ रहा था। आश्रम के लोगों के पूछने पर भी उसने पत्नी की मौत का राज नहीं खोला।
बच्चों ने प्रमोद को जंगल की तरफ जाते देखा था
बावनडांट जंगल में लकड़ी बीनने वाले बच्चों ने बताया कि रविवार सुबह साढ़े दस बजे प्रमोद साइकिल पर अपने दोनों बच्चों को बैठाकर जा रहा था। वह अपनी झोपड़ी में नहीं आया और सीधे बसानी जंगल की तरफ जा रहा था।
आशंका है कि पत्नी की हत्या के बाद प्रमोद किसी गोपनीय स्थान पर जाना चाहता था। इधर, थानाध्यक्ष संजय पांडेय प्रमोद के साथी तोता राम को लेकर बरेली स्थित उसके घर गए हैं।
अपने साले से भी की थी मारपीट
पिछले साल होली पर प्रमोद का साला अपनी बहन से मिलने आया था। आश्रम के ठेकेदार बांकेलाल का कहना है कि प्रमोद ने शराब पीने के बाद अपने साले के साथ मारपीट की थी, जिस पर साला वहां से चला गया। उस समय जानकारी मिली कि प्रमोद की पत्नी बिलासपुर रुद्रपुर की रहने वाली है।