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उत्तराखंड में आज भी यहां बिक रही हैं महिलाएं
विजय भट्ट/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Tue, 07 Jan 2014 09:32 PM IST
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गढ़वाल में मानव तस्करी रोकना पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही है। गढ़वाल के चार जिलों में एक साल में ही मानव तस्करी के सात मामले रिकार्ड में आ चुके हैं जबकि संख्या इससे काफी ज्यादा हो सकती है।
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एक साल पहले बनी थी यूनिट
कोटद्वार में जनवरी 2012 में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का गठन हुआ था। वर्तमान में यहीं से गढ़वाल के चारों जिलों में मानव तस्करी से जुड़े मामलों की जांच की जाती है।
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जिन क्षेत्रों में कभी सामान्य अपराध भी बड़ी चर्चाओं के विषय बन जाते थे अब वहां पर काफी संख्या में मानव तस्करी से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं।
यूनिट के जिम्मे ही मामलों की जांच
मानव तस्करी के बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए जनवरी 2012 में पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल का गठन किया गया था। इसी दौरान कोटद्वार में भी इस यूनिट ने काम करना शुरू कर दिया था, जिसमें पुलिस कर्मियों की ही तैनाती की गई है।
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कोटद्वार में गठित इस यूनिट के अंतर्गत गढ़वाल के चारों जिले पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी शामिल हैं। मानव तस्करी से जुड़े मामलों की जांच इसी यूनिट के जिम्मे है।
अब तक आ चुके हैं सात मामले
एक साल पहले गठित इस यूनिट के पास अब तक सात मामले मानव तस्करी के आ चुके हैं। इनमें सभी मामले महिलाओं से जुड़े रहे हैं।
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कुछ मामलों में महिलाओं की बरामदगी भी की गई। सात मामलों में अब तक टिहरी जिले से कोई भी मानव तस्करी से जुड़ा मामला सामने नहीं आया है।
ये मामले आते हैं ह्यूमन ट्रैफिकिंग में
महिला को बेचना या शारीरिक शोषण के लिए किसी को देना। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे को काम करवाने के लिए किसी को बेचना या मानव अंगों का प्रत्यारोपण के लिए क्रय करना। 40 वर्ष से कम आयु की अविवाहित महिला के गुम होने पर तीन महीने तक नहीं मिलने की स्थिति में मामला मानव तस्करी के तहत आ जाता है।
जागरूक करना भी है मकसद
यूनिट का काम मानव तस्करी रोकने के लिए जांच करना तो है ही, साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक करना भी है। मानव तस्करी में फंसी महिला या पुरुष की काउंसलिंग कर उसे सही मार्गदर्शन भी दिया जाता है। काउंसलिंग सादी वर्दी में ही की जाती है।
पिछले साल एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले
- - जून में कोटद्वार की एक 17 वर्ष की युवती को पड़ोस की लड़कियों द्वारा बेचने की कोशिश।
- - अक्तूबर में कोटद्वार की एक 15 साल की छात्रा को एक महिला ने हरिद्वार में युवक को बेच दिया।
- - अगस्त में पौड़ी के पास अगरोड़ा से लगभग 35 साल की महिला को उसकी बच्ची सहित रामपुर ले जाया गया। पुलिस ने उसे एक युवक के घर से बरामद किया।
- - अप्रैल में लैंसडौन की 35 साल की ही एक महिला उसके दो बच्चों सहित बिहार ले जायी गई, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।
- - सितंबर रुद्रप्रयाग से एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को बेचने की रिपोर्ट लिखाई, जिसकी एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल ने जांच की।
- - अगस्त में चमोली जिले से भी महिला को बेचने की जांच भी इस यूनिट के पास आई।
- - फरवरी में 15 वर्षीय किशोरी की गुमशुदगी का मामला सामने आया।