हर्षित अपहरणः 5 करोड़ से 50 लाख पर फिक्स हुई डील
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दून के चर्चित हर्षित अपहरण कांड की रिहाई के बदले अपहर्ताओं से पचास लाख रुपये की सौदेबाजी हुई थी। 34 लाख बैग में रखकर लाखों के जेवर बचा लिए गए थे। इंजीनियर का बेटा मानते हुए किडनैपर्स ने सीधे पांच करोड़ रुपये मांगे थे।
शिकार की अदला-बदली के बाद भी अपहर्ता दो करोड़ पर अड़ गए। रकम हैसियत से ज्यादा होने की बात कहकर गिरीश तायल ने मिन्नतें की। सौदेबाजी के बाद करीब 50 लाख जुटाने को कहा गया।
सूत्रों का कहना है कि तायल परिवार से इधर-उधर से व्यवस्था की। कैश लाल सूटकेस में फेंक दिया, लेकिन जेवरात बचा लिए। हालांकि पुलिस या परिजनों ने इसका खुलासा नहीं किया है। डीआईजी संजय गुंज्याल के मुताबिक जितनी रकम गई थी, पूरी बरामद कर ली गई है।
इंजीनियर की जगह बीएसएनएल अधिकारी के बेटे को उठाने की चूक का खुलासा होने के बावजूद अपहर्ता बिना फिरौती हर्षित को छोड़ने को राजी नहीं हुए। डेनियल ने गिरीश तायल को इंजीनियर मानते हुए हर्षित के फोन से 5 करोड़ रुपये मांगे थे।
तायल ने इंजीनियर के बजाए खुद को बीएसएनएल अधिकारी बताया तो डेनियल चौंक गया। कंफर्म करने को तायल से दो बार पूछा, सही-सही बताएं कि वे कौन बोल रहे हैं।
असलियत खुलने पर डेनियल ने साथियों को बताया। एसटीएफ के एसएसपी सदानंद दांते बताते हैं कि मीनाक्षी ने तपाक से कहा था कि कोई नहीं, लाला का बेटा है, कुछ तो मिलेगा ही। खर्च किया है, उसे भी तो पूरा करना है।
टेंशन ना लो, रुपये दे दो, बेटा मिल जाएगा
अपहरण और फिरौती का फोन भी तायल को सलीके से आया था। बातचीत के दौरान बदमाश ने गाली-गलौज नहीं की। हालांकि बार-बार चेताता रहा कि पुलिस की मदद ली तो बेटे की हत्या कर दी जाएगी। अपहर्ता बीच-बीच में पंजाबी और अंग्रेजी भी इस्तेमाल कर रहा था। लेकिन लोकेशन सहारनपुर और पंजाबी भाषा से पुलिस सोच में थी।
पुलिस मान रही थी कि हो ना हो अपहरण में सहारनपुर का लिंक है। पुलिस के पास हर कॉल की रिकॉर्डिंग है। बदमाश बीच-बीच में तायल को सांत्वना भी दे रहा था कि टेंशन ना लो, रुपया दे दो, बेटा मिल जाएगा।
साक्ष्य जुटाने के लिए टीम बनी
अपहर्ताओं के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है। एसएसपी अजय रौतेला ने जांच टीम में एसओजी प्रभारी रवि सैनी, वरिष्ठ उप निरीक्षक मुकेश त्यागी, कैंट कोतवाली के एसएसआई और कोतवाली के उप निरीक्षक जीएस गर्ब्याल को शामिल किया है।
मकान मालिक पर कसेगा शिकंजा
जगजीतपुर में हर्षित को बंधक बनाकर रखने में इस्तेमाल मकान के मालिक पर पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। एक माह तक यह मकान खाली रहा। मकान मालिक ने किराएदार से न सवाल किया, न सत्यापन कराने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक नियमानुसार मालिक पर कार्रवाई होगी।