सेंट्रो में वाहन चोरी करने निकलता था कबाड़ी, चोरी का तरीका जान पुलिस रह गई दंग
दून पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सक्रिय चौपहिया वाहन चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये सभी मुजफ्फरनगर के निवासी हैं। इनमें जानसठ का एक कबाड़ी भी शामिल है, जो वाहन कटवाकर उसकी पहचान मिटा देता था। वहीं इनकी चोरी का तरीका जानकर पुलिस भी दंग रह गई। ये लोग सेंट्रो में चोरी करने निकलते थे।
इनके पास से चोरी की चार कारों के अलावा तीन वाहनों के इंजन भी बरामद हुए हैं। यह गैंग अब तक करीब 35 वाहनों की चोरी करने की बात स्वीकार कर रहा है। जबकि देहरादून, हरिद्वार से पांच वाहन चुराना स्वीकार कर रहा है। सरगना के पकड़े जाने के बाद कई और चोरियों का खुलासा होने की उम्मीद है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि एक वाहन चोर गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी। इसी आधार पर एसपी सिटी अजय सिंह की अगुवाई में एसओजी और पटेलनगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम ने मंगलौर के पास एक सेंट्रो कार को पीछा कर रोक लिया।
इसी बीच एक व्यक्ति तो कार से उतरकर फरार हो गया, जबकि शहजाद, अंबर जैदी निवासी किदवई नगर, मोहम्मद शादाब अंसारी निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर को पकड़ा गया है। कार का नंबर मोबाइल पर चेक किया गया तो वह फर्जी पाया गया। सख्ती से पूछताछ हुई तो आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद कार हापुड़ से चोरी की गई थी।
उन्होंने बताया कि फरार होने वाला शख्स रियासत निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर है, जो गिरोह का सरगना है। चोरी के वाहनों को एक दो-दिन खड़ा करने के बाद वह मुजफ्फरनगर के कबाड़ी हैदर मेहंदी जानसठ को बेच देते थे। पुलिस ने हैदर मेहंदी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने देहरादून से चुराई तीन पिकअप और बोलेरो कबाड़ी को बेची थी तथा चौथी पिकअप रियासत द्वारा बेची गई। इनके पास से मिली सिल्वर कलर की सेंट्रो कार मेरठ, पिकअप लक्सर और वेगन आर मुजफ्फरनगर से चोरी की गई। यह वाहन मुजफ्फरनगर में शामली बस अड्डे के पास खाली भूमि पर खड़ी की गई थी।
ऐसे करते थे चोरी
पटेलनगर से संबधित तीन पिकअप के इंजन भी बरामद हुए हैं। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि फरार रियासत की गिरफ्तारी के बाद कई और चोरियों के खुलासे की उम्मीद है। संबंधित जिले की पुलिस को आरोपियों से हुई पूछताछ की रिपोर्ट भेजी जा रही है।
वेस्ट यूपी से चुराए वाहन
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने वाहन चोरी की अनेक घटनाएं कबूली हैं। उनके द्वारा वेस्ट यूपी के खुर्जा, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, मीरापुर, दौराला, सरधना, जलालाबाद, लक्सर, रुड़की, हरिद्वार, देहरादून आदि स्थानों से करीब 30-35 चौपहिया वाहन चुराए थे।
25 हजार में बेच देते थे पिकअप
देहरादून। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने चोरों से पूछताछ के आधार पर बताया कि ये चोरी की पिकअप कबाड़ी को 25 से 30 हजार रुपये में बेच देते थे। कबाड़ी उसे तुरंत काटकर स्क्रैप गलाने के लिए आयरन फैक्ट्री भेज देता था जबकि इंजन अलग से बेचने के लिए रख लिया जाता था।
ऐसे करते थे चोरी
वाहन चोरों का यह गैंग रात में सेंट्रो कार में चोरी करने निकलते थे। एकांत स्थान पर खडे़ वाहनों को चिन्हित कर रात में दो और तीन बजे के बीच चुराकर ले जाते थे। रात में ही वाहनों को अपने ठिकानों पर पहुंचा देते थे। गिरोह का सरगना किसी भी वाहन का लॉक खोलने में माहिर बताया गया है।
टीम को किया जाएगा पुरस्कृत
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने पुलिस टीम में शामिल एसओजी प्रभारी अशोक राठौड, बाजार चौकी प्रभारी नरोत्तम विष्ट, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, कांस्टेबल ललित कुमार, देवेंद्र कुमार, अरशद, अरुण कुमार, विपिन, आशीष, पंकज, श्रीकांत ध्यानी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।