उत्तराखंडः बदमाशों से मुठभेड़ में दारोगा, कांस्टेबल घायल
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ऊधमसिंह नगर में पुलभट्टा थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप में हुई लूट के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल के जबड़े तो दरोगा के पैर में गोली लग गई।
मुठभेड़ के दौरान महिलाओं ने भी पुलिस टीम पर पथराव किया जिसमें जिसमें दो सिपाही जख्मी हो गए। घायल दरोगा और हेड कांस्टेबल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि चोटिल हुए सिपाहियों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
एडीजी (ला एंड आर्डर) अनिल कुमार रतूड़ी ने देर शाम जीवन रेखा अस्पताल में भर्ती घायल पुलिसकर्मियों की कुशलक्षेम पूछी और गंभीर रूप से घायल हेड कांस्टेबल को दिल्ली बड़े-से-बड़े अस्पताल में भर्ती कराने के आदेश दिए।
पांच मार्च की रात पुलभट्टा थाना क्षेत्र स्थित आरएस पेट्रोल पंप से चार बदमाशों ने 50 हजार रुपए, एलसीडी, मोबाइल और अन्य सामान लूट लिया था। लूट के खुलासे के लिए पुलभट्टा थाना पुलिस और एसओजी रुद्रपुर को लगाया गया था। लूटे गए मोबाइल को सर्विलांस पर लगाने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों प्रदीप और अनीस को पकड़ लिया था।
महिलाओं ने भी किया पथराव, सिपाही घायल
दोनों ने बताया कि घटना में ग्राम फिरोजपुर बरा थाना पुलभट्टा निवासी गुरबाज सिंह उर्फ बाज (22 वर्ष) और ग्राम सिरौली तलैय्या थाना किच्छा निवासी प्रताप मजूमदार उर्फ कल्लू (21 वर्ष) भी शामिल थे। मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि फरार आरोपी आईटीआई थाना क्षेत्र के ग्राम दभौरा टांडा (सरदारों का टांडा) में ग्राम बुढियाकालोनी थाना बहेड़ी जिला बरेली निवासी बदमाश मोनू के ससुराल में छिपे हैं।
इस पर बुधवार देर रात किच्छा थाने के एसएसआई धर्मवीर सोलंकी के नेतृत्व में पुलभट्टा थाना पुलिस, एसओजी रुद्रपुर, आईटीआई, काशीपुर, कुंडा थाना पुलिस ने मोनू के ससुराल में दबिश दी। पुलिस को देखते ही वहां छिपे बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और महिलाओं ने भी पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की।
बदमाशों की फायरिंग में एसआई प्रहलाद सिंह बिष्ट पैर और हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार जबड़े पर गोली लगी। वहीं पुलभट्टा थाने के सिपाही धीरज भंडारी और कुलदीप सिंह महिलाओं के पथराव में घायल हो गए।
हथियार के साथ लूट का सामान बरामद
जब बदमाश फायरिंग करते हुए भागने लगे तो पुलिस ने घेराबंदी कर गुरबाज सिंह और प्रताप मजूमदार को पकड़ लिया, जबकि उनका साथी मोनू फरार हो गया। गुरबाज के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस और पेट्रोल पंप से लूटा गया मोबाइल बरामद हुआ, जबकि प्रताप से 315 बोर का तमंचा और चार कारतूस बरामद हुए।
पुलिस ने पथराव कर रही मोनू की पत्नी रंदीप कौर उर्फ रानी और गुरबाज की पत्नी पिंकी उर्फ नीतू को भी पकड़ लिया। घायल दरोगा और हेड कांस्टेबल को जीवनरेखा अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां आपरेशन के बाद दोनों को आईसीयू में रखा गया है।
पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों और महिलाओं के खिलाफ धारा 143, 333, 353, 336, 34 आईपीसी, 307, 25 आर्म्स एक्ट, 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पकड़े गए बदमाशों पर लगेगी रासुका
एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों पर गैंगस्टर के साथ ही रासुका लगाई जाएगी। साथ ही शीघ्र ही न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेकर अन्य घटनाओं की भी जानकारी ली जाएगी।
दोनों ओर से जमकर हुई फायरिंग
मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से जमकर फायरिंग हुई। आईटीआई थाना प्रभारी हरेंद्र चौधरी, एसआई सुधाकर जोशी, एसएसआई धर्मवीर सोलंकी, अरुण कुमार, एसओ कुंडा रमेश तनवार और घायल एसआई प्रहलाद सिंह ने दो-दो राउंड गोली चलाई, जबकि बदमाशों की ओर से भी कई राउंड फायरिंग की गई। पुलिस को मौके से तीन 32 बोर और दो 315 बोर के खोखे बरामद हुए।
घायलों को मिले 25-25 हजार
डीआईजी पीएस सैलाल ने बताया कि मुठभेड़ में गोली लगने से घायल एसआई प्रहलाद सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, कांस्टेबल धीरज भंडारी और कुलदीप सिंह को पुलिस सहायता निधि से तत्काल 25-25 हजार रुपए उपलब्ध कराए गए।
इलाज का सारा खर्च सरकार उठाएगी। दोपहर में डीजीपी ने एसआई प्रहलाद सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार को बहादुरी के लिए 10-10 हजार के पुरस्कार देने की घोषणा की है।