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बेरहम बाप ने किसी और को सौंप दिया जिगर का टुकड़ा

Wed, 29 Jan 2014 11:56 AM IST
मनीष भट्ट/अमर उजाला, देहरादून
मनीष भट्ट/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 29 Jan 2014 11:56 AM IST
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father sold his son

राजधानी देहरादून में शराब के लिए एक पिता ने दो साल के मासूम बेटे को ही बेच डाला। उसने पत्नी को मृत दिखा फर्जी गोदनामा बनाया और बच्चे को बिजनौर के दंपति को सौंप दिया।

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करीब एक महीने बाद बच्चा मिला तो मां उसे गले लगाकर फफक-फफक कर रो पड़ी। इस मामले में खुद को आशा कार्यकत्री बताने वाली दो महिलाओं, एक महिला नेता और महिला शराब तस्कर का नाम भी सामने आ रहा है। फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
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श्यामपुर (ऋषिकेश) निवासी मनोज और उसकी पत्नी कपड़ों की फड़ लगाते हैं। 25 दिसंबर को मनोज बहन के घर जाने की बात कहकर दो साल के एकलौते बेटे विष्णु को लेकर घर से लेकर निकला था।

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लेकिन, मनोज बच्चे को लेकर श्यामपुर में शराब तस्करी करने वाली एक महिला के घर रहने लगा। मनोज पहले भी वहां शराब पीकर पड़ा रहता था।

पत्नी को मृत दिखाकर बनाया गोदनामा

father sold his son

30 दिसंबर को मनोज ने पत्नी को मृत दिखाकर फर्जी गोदनामा बनाया और बच्चे को धामपुर, बिजनौर (यूपी) के गांव मानपुर शिवपुरी निवासी उमेश और उसकी पत्नी को दे दिया। उमेश दून में ही नौकरी करता है और उनके बच्चे नहीं हैं।

मनीषा के बार-बार पूछने पर आठ जनवरी को नशे में धुत मनोज ने बताया कि उसने बच्चे को गोद दे दिया है। मनीषा बार-बार बेटे को वापस लाने की गुजारिश करती रही लेकिन मनोज नहीं माना। 25 जनवरी को मनीषा ने एसएसपी केवल खुराना से शिकायत की।

बेटे पर बड़ी रकम की डील

father sold his son

मनोज से पूछताछ के बाद पुलिस टीम बिजनौर पहुंची। उमेश और गांव वालों से पूछताछ में पता चला कि देहरादून में खुद को आशा कार्यकत्री बताने महिलाओं की मिलीभगत से फर्जी गोदनामा तैयार किया गया।

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कानूनी खर्च के नाम पर उमेश से भी ईसी रोड निवासी एक महिला ने साढ़े 17 हजार रुपए लिए थे। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में बड़ी रकम की डील हुई है। पुलिस बच्चे को बरामद कर दून ले आई।

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साथ में उमेश और मानपुर शिवपुरी के ग्राम प्रधान कुलवेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद थे। एसएसपी दफ्तर में बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द किया गया। एसएसपी ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

कहीं कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं?

father sold his son

फर्जी तरीके से गोदनामा बनाकर मासूम बच्चे का सौदा करने के मामले में कोई गिरोह सक्रिय हो सकता है। पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में इस तरह कुछ तथ्य सामने आ रहे हैं।

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पुलिस के मुताबिक श्यामपुर की एक महिला ने दो कथित आशा कार्यकत्रियों से मनोज को मिलवाया था। ईसी रोड पर उसे शराब पिलाने के बाद उसे बच्चे का सौदा कराने का झांसा दिया गया।

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इस गिरोह ने यह भी पता लगा लिया कि बिजनौर निवासी उमेश और उनकी पत्नी बच्चा गोद लेना चाहते हैं। पुलिस को आशंका है कि मोटी रकम देकर बच्चे का सौदा कराया गया है।

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पुलिस की पड़ताल में अब तक पूनम थापा, सुनीता, तनुजा, मेघा और श्यामपुर की एक शराब तस्कर का नाम सामने आ चुका है। पुलिस ने आरोपी महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसओजी की मदद से महिलाओं की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश हो रही है। फिलहाल इन महिलाओं ने अपने मोबाइल स्विच ऑफ किए हुए हैं।

आशा कार्यकत्री बनकर चुराया था बच्चा

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करीब दो साल पहले खुद को आशा कार्यकत्री बताने वाली एक महिला ने दून अस्पताल से गांधी ग्राम निवासी महिला के एक दिन के नवजात शिशु को चुरा लिया था।

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वह वजन करने के बहाने बच्चे को को ले गई थी। इस महिला और बच्चे का आज तक पता नहीं चल पाया है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि आरोपियों से इस बारे में भी पड़ताल की जाएगी।

‘पति दोषी है तो मिले कड़ी सजा’
मनोज की पत्नी मनीषा का कहना है कि अगर जांच में उसका पति दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन पूरी घटना को अंजाम देने वालों को भी नहीं बख्शा जाना चाहिए।

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ताकि ऐसा दर्द किसी और मां या परिजनों को न भुगतना पड़े। महिला ने सुबकते हुए पुलिस का आभार भी  जताया।

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एसएसपी केवल खुराना ने कहा कि मनीषा अगर चाहती है तो बेटे विष्णु को पुलिस लाइन स्थित पुलिस मार्डन स्कूल में दाखिला दिलाया जा सकता है।

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