जमीन के लिए भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट
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जमीन के विवाद में बड़े भाई ने चचेरे भाई के साथ मिलकर छोटे भाई की जान ले ली।
चचेरे भाई ने किसान पर पहले धारदार हथियार से हमला किया जब वह जान बचाने के लिए भागा तो उसके अपने बड़े भाई ने बंदूक से उसे गोली मार दी।
पुलिस का कहना है कि जमीन ठेके में देने को लेकर दोनों भाइयों में विवाद चल रहा था। पुलिस ने कुलदीप की बहन मनकरा फरदिया बहेड़ी निवासी अमरजीत कौर की तहरीर पर रणजीत, उसकी पत्नी गुरप्रीत कौर और सेवा सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गोविंदपुर गांव में कुलदीप सिंह (35) की करीब साढ़े चार एकड़ जमीन है। कुलदीप ने अपनी जमीन ठेके पर दी थी। जिसे लेकर कुलदीप और उसके बड़े भाई रणजीत सिंह में विवाद चल रहा था।
गड़ासे से सिर पर किया वार
कुलदीप ने गाली-गलौज का विरोध किया तो सेवा सिंह ने गड़ासे से उसके सिर पर वार कर दिया। इसमें कुलदीप घायल हो गया और सड़क की ओर जान बचाने के लिए भागा।
इस पर रणजीत ने अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर के कहने पर कुलदीप को बंदूक से गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह गिर पड़ा। कुलदीप का पीछा कर रहे सेवा सिंह ने उस पर दोबारा गड़ासे से वार कर दिया।
इससे कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। प्रभारी निरीक्षक अजय ध्यानी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विवेचना मानव वध सेल द्वारा की जाएगी।
चार साल पहले पत्नी ने की थी खुदकुशी
कुलदीप सिंह का विवाह करीब छह वर्ष पूर्व प्रतापपुर नंबर चार निवासी हरदीप कौर के साथ हुआ था।
विवाह के दो वर्ष बाद कुलदीप की पत्नी हरदीप ने खुदकुशी कर ली थी और तब से कुलदीप अपनी मां कुलवंत कौर के साथ रह रहा था। बहन अमरजीत कौर का आरोप है कि रणजीत ने जमीन हथियाने के लिए कुलदीप की हत्या की है।
बूढ़ी मां का सहारा था कुलदीप
करीब डेढ़ दशक पूर्व कुलदीप के पिता आशा सिंह की भी हत्या हो गई थी। कुलदीप की मां कुलवंत कौर अपने पति की हत्या का सदमा भुला भी न सकी थी कि सबसे बड़े बेटे दलवीरा की मौत हो गई थी।
जिसके बाद कुलवंत कौर ने अपने दो बेटों रणजीत और कुलदीप को पाल-पोष कर बड़ा किया। बुधवार रात जब रणजीत ने ही अपने छोटे भाई कुलदीप की हत्या कर दी तो बूढ़ी मां का कलेजा फट गया।
बेटे की हत्या से मां बेसुध हो गई। कुलदीप अपनी बूढ़ी मां का सहारा था।