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बैंक मैनेजर हत्याकांडः न हत्या साबित हुई न डकैती
देहरादून/मनमीत रावत
Updated Mon, 05 Aug 2013 08:48 AM IST
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कौलागढ़ स्थित बैंक डकैती और मैनेजर हत्याकांड में अभियोजन आरोपियों के खिलाफ हत्या और डकैती साबित नहीं कर पाया। फिलहाल, चार आरोपियों को लूट में दोषी पाते हुए कोर्ट ने उन्हें सात साल और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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19 सितंबर 2007 को हुई थी हत्या
अर्थदंड न देने पर दोषियों को तीन माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। मामला कैंट थाना क्षेत्र का है। पुलिस में दर्ज कराए मामले के अनुसार तेल भवन एफडीआई कौलागढ़ की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में 19 सितंबर वर्ष 2007 को डकैतों ने डकैती डालकर बैंक के प्रभारी के के गैरोला की हत्या कर दी थी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना के दौरान शाम साढ़े चार बजे बैंक मैनेजर के के गैरोला बैंक में अकेले थे। इसी दौरान कुछ हथियारबंद बदमाश बैंक में घुस आए थे। जिनके द्वारा 88 हजार 641 रुपये की डकैती की गई।
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वारदात की सूचना के बाद कैंट पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए अगले ही दिन बिंदाल पुल के पास से मोहम्मद मुस्तफा, भरत कुमार, सुबोध कुमार, श्रवण को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि इनके साथ एक अन्य आरोपी चुनचुन फरार हो गया।
पुलिस ने इनके पास से खून लगे नोट बरामद किए थे। एडीजे चतुर्थ विजयंत कुमार की अदालत में हुई सुनवाई में बचाव पक्ष के वकील संजय लिबर्टी ने पैरवी की।
पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया था मामला
302 हत्या, 396 डकैती, 412 डकैती के पैसे बरामद और 120 बी षड्यंत्र, लेकिन अभियोजन पक्ष इन आरोपों को साबित नहीं कर पाया। चुनचुन की गिरफ्तारी न हो पाने से भी इन धाराओं में आरोप साबित नहीं हो पाया।