फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   deputy director tourism arrested in taking bribe

घूसखोरी में डिप्टी डायरेक्टर पर्यटन गिरफ्तार, विजिलेंस ने दबोचा

Fri, 27 May 2016 09:05 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 27 May 2016 09:05 PM IST
विज्ञापन
deputy director tourism arrested in taking bribe
Arrest

विजिलेंस ने डिप्टी डायरेक्टर पर्यटन योगेन्द्र कुमार गंगवार को होम स्टे योजना का लाभ देने के नाम पर 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आवास पर चले तलाशी अभियान में कैश के अलावा काफी कुछ मिला है। विजिलेंस ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करने की तैयारी में है। 

विज्ञापन


विजिलेंस के डायरेक्टर अशोक कुमार के मुताबिक 24 मई को एक शख्स से एसपी विजिलेंस से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकार द्वारा पर्यटकों के लिए संचालित की गई होम स्टे योजना के तहत उन्होंने 25 अप्रैल को डिप्टी डायरेक्टर पयर्टन योगेन्द्र कुमार गंगवार के आफिस में आवेदन किया था।
विज्ञापन


वह अपने दो मंजिला मकान के छह कमरों में होम स्टे स्कीम लागू करना चाहते थे। काफी कोशिश के बावजूद उनके आवेदन पर कोई फैसला नहीं लिया गया। दो दिन पहले गंगवार ने उनसे कहा कि कोई भी बिजनेस बिना पैसे खर्च किए नहीं चल सकता है। स्कीम की अनुमति के लिए उन्होंने सीधे तौर पर 25 हजार रुपये देने की डिमांड की।
विज्ञापन
विज्ञापन


बातचीत में 22 हजार रुपये में सौदा तय हो गया। विजिलेंस की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद  पुलिस अधीक्षक सतर्कता प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता 22 हजार रुपये लेकर शुक्रवार दोपहर डिप्टी डायरेक्टर के आफिस में पहुंच गया।

विजिलेंस की टीम ने गंगवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई में पयर्टन कार्यालय में हड़कंप मच गया। बता दें कि गंगवार का पद तो डिप्टी डायरेक्टर का है, लेकिन फिलहाल क्षेत्रीय पयर्टन अधिकारी का काम देख रहे थे। एडीजी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। 

आवास पर छापेमारी में मिले साढे़ छह लाख
रिश्वत में गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने गंगवार के अजबपुर खुर्द स्थित आवास पर तलाशी ली। आवास से 6 लाख 47 हजार रुपये की नकदी के अलावा, चार प्लाट के कागजात, विभिन्न बैंकों की13 पास बुक और आठ इंश्योरेंस पालिसी मिली है।


साढे़ छह लाख रुपये का कैश घर से मिलना भ्रष्टाचार में लिप्त होने का प्रमाण है। तमाम प्रापर्टी और खातों की गहराई से जांच करने के बाद उनके खिलाफ से आय से अधिक का मामला दर्ज किया जाएगा। भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आगे आकर शिकायत करने में किसी को हिचकना नहीं चाहिए।
- अशोक कुमार, डायरेक्टर विजिलेंस

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed