फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dehradun dm involve in fraud case

करोड़ों की प्रापर्टी के हेरफेर में फंसे दून के डीएम

Sat, 26 Apr 2014 10:03 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 26 Apr 2014 10:03 AM IST
विज्ञापन
dehradun dm involve in fraud case

राजधानी देहरादून में एक परिवार के संपत्ति विवाद में जिलाधिकारी दून और अपर तहसीलदार समेत चार लोगों पर अभिलेखों में हेराफेरी और पत्रावली गायब करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

विज्ञापन


पुलिस ने सीजेएम कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप है। डीएम बीवीआरसी पुरुषोत्तम का कहना है कि बिना शासन की अनुमति के उनके विरुद्ध केस दर्ज नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन


वहीं एसएसपी अजय रौतेला को पहले तो कोई जानकारी नहीं थी, बाद में वह कोर्ट के आदेश का हवाला देकर मामला संभालते नजर आए।

पूरा घटनाक्रम
दून कोतवाली में दर्ज मुकदमे में जमनीवाला के धर्मेंद्र शर्मा ने अपने भाइयों चमनलाल शर्मा निवासी राजा रोड और गजेंद्र प्रसाद निवासी गुनियाल गांव के साथ कलेक्टर दून और अपर तहसीलदार शुजाउद्दीन को आरोपी बनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, तीन भाइयों में पैतृक संपत्ति का बंटवारा तो हुआ, लेकिन इससे धर्मेंद्र और उनकी मां संतुष्ट नहीं थी। मां का निधन होते ही चमन और गजेंद्र ने अपने हिस्से की संपत्ति का दाखिल खारिज करा लिया।

धर्मेंद्र ने इस पर आपत्ति जताते हुए जुलाई 2013 में अपर तहसीलदार शुजाउद्दीन की कोर्ट में अपील की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपर तहसीलदार ने गजेंद्र और चमन के पक्ष में आदेश जारी कर दिया।

पत्रावलियां कार्यालय से गायब
धर्मेंद्र ने इस फैसले को एसडीएम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन इसी बीच मामले से जुड़ी पत्रावलियां अपर तहसीलदार के कार्यालय से गायब हो गईं। धर्मेंद्र ने जिलाधिकारी से शिकायत की तो उन्होंने मामले की रिपोर्ट तलब की, मगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की।

इसके बाद धर्मेंद्र ने अदालत की शरण ली। आरोप लगाया कि चमनलाल शर्मा और गजेंद्र प्रसाद ने प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ कर साजिशन अभिलेखों से छेड़छाड़ की और पत्रावलियां गायब करा दीं। इस वजह से वह मामले की ऊपरी कोर्ट में अपील नहीं कर सका।

धर्मेंद्र ने दोनों भाइयों समेत डीएम और तहसीलदार को भी आरोपी बनाया है। अदालत के आदेश पर पुलिस ने धारा 466, 467, 468 और 120 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।


करोड़ों की है प्रापर्टी
जमनीवाला में इन भाइयों की पैतृक संपत्ति में बीस बीघा जमीन और एक मकान है। बंटवारे पर वर्ष 2008 से विवाद चल रहा है। संपत्ति की कीमत करोड़ों की बताई जा रही है। बंटवारे पर सहमति न बनने से तीनों भाई मुकदमेबाजी में फंस गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed