हरिद्वार: मिनी बैंक से करोड़ों का गबन, समिति की जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
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हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र के एक सहकारी मिनी बैंक में जमा ग्राहकों के दो करोड़ 89 लाख रुपये गबन करने का मामला सामने आया है। सचिव पर ग्राहकों का पैसा निकालने का आरोप है।
शिकायत के बाद जिला सहायक निबंधक ने पिछले साल नवंबर में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर मामले की जांच के आदेश थे। समिति ने पिछले महीने अपने जांच रिपोर्ट सौंप दी। जांच रिपोर्ट में गबन की पुष्टि हुई है।
बहादराबाद विकासखंड के साधन सहकारी समिति सलेमपुर महदूद का ग्रामीण बचत केंद्र गढ़मीरपुर में है। केंद्र में ग्रामीणों ने अपने पैसे जमा कराए थे। जब ग्राहक मिनी बैंक में अपने पैसे लेने पहुंचे तो इन्हें अगले कार्य दिवसों पर आने के लिए कहा गया। कई महीने बाद भी ग्रामीणों को पैसा नहीं मिला तो उन्होंने इसकी शिकायत जिला सहायक निबंधक हरिद्वार से की।
जिला सहायक निबंधक ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दिए। जांच कमेटी में दो अपर जिला निबंधक और एक सहायक खंड विकास अधिकारी सहकारिता शामिल थे। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जनवरी में जिला सहायक निबंधक को सौंपी। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया साधन सहकारी समिति सलेमपुर के सचिव को गबन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।
अधिकारियों की हो सकती है मिलीभगत
ग्रामीण बचत केंद्र गढ़मीरपुर से दो करोड़ 89 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आ रहा है। ऐसे में इतनी बड़ी धनराशि को अकेला सचिव निकालकर गबन नहीं कर सकता। इस धनराशि को निकलवाने में अन्य अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। बताया जाता है कि ग्रामीण बचत केंद्र गढ़मीरपुर में फिलहाल केवल 14 हजार रुपये जमा हैं।
मामले की जांच चल रही है, कुछ हेराफेरी का मामला सामने आ रहा है। अभी अंतिम रिपोर्ट आनी शेष है। सचिव के नियुक्त होने के बाद से जांच कराई जा रही है।
- मनोज कुमार पुनेठा, जिला सहायक निबंधक हरिद्वार।