खेत से टुकड़ों में मिली पांच साल की बच्ची की लाश
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जौरासी जबरदस्तपुर से सात दिन पूर्व गायब हुई पांच साल की बच्ची का क्षत विक्षत शव मंगलवार को गन्ने के खेत से बरामद हुआ। शव बरामदगी के बाद से ग्रामीणों में जबरदस्त रोष है। पुलिस के आला अफसर दिन भर संदिग्धों की तलाश में गांव में डेरा डाले रहे।
सात दिन पहले गायब हुई थी गायब
रुड़की कोतवाली क्षेत्र के जौरासी जबरदस्तपुर से 26 फरवरी को शाम पांच बजे पांच साल की बच्ची गायब हो गयी थी। बच्ची की तलाश में पुलिस ने जंगल में कांबिंग की थी लेकिन सफलता नहीं मिली।
ग्रामीण उस दिन से लगातार टोलियां बना कर बच्ची की तलाश कर रहे थे। मंगलवार को जब एक टोली फुरकान कुरैशी के गन्ने के खेत में पहुंची तो बच्ची के सिर और पैरों की कुछ हड्डियां मिलीं। पास में ही कटे हुए बाल पड़े हुए थे।
कुछ दूर पर गठरी में बांध कर कपड़े फेंके गए थे। कपड़ों से बच्ची की पहचान की गई। पहचान होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए।
धड़ के जानवरों के खाने की आशंका
सूचना मिलने पर एसएसपी सदानंद दाते, एसपी देहात अजय सिंह, सीओ स्वतंत्र कुमार और एसडीएम प्रत्यूष सिंह कई थानों की पुलिस को लेकर मौके पर आ गए। डॉग स्कवॉयड से भी तलाश करायी गयी। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने मौके से साक्ष्य उठाए।
पुलिस का है कहना
एसएसपी का कहना है कि मामला अगवा करने के बाद हत्या का है। बाद में जानवरों ने उसके शरीर को खा लिया है। डीएनए सैंपल लेने के साथ संदिग्ध लोगों की धरपकड़ की जा रही है।
यह भी हो सकता है कि गुमराह करने के लिए बच्ची के बाल काटे गए हों। कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने बच्ची के साथ रेप की आशंका से भी इंकार नहीं किया।
पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एसएसपी और एसपी देहात पुलिस बल के साथ दिन भर गांव में डटे रहे।
बच्ची के कंकाल का पोस्टमार्टम डाक्टर टी खान और डा. विक्रांत सिरोही ने किया। सूत्रों की माने तो पोस्टमार्टम करने से पहले काफी देर तक डाक्टरों ने मोदी बुक को गहनता से पढ़ा। इसके बाद डाक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। डाक्टरों के मुताबिक हड्डी के पोस्टमार्टम में सिर्फ जहर से हुई मौत की बात ही सामने आती है।
पुलिस को विरोध-प्रदर्शन का अंदेशा था। इसी लिहाज से आसपास के थानों की पुलिस और मानव वध सेल को गांव में लगाया गया था।
शाम के समय पोस्टमार्टम के बाद बच्ची के क्षत-विक्षत शव को कफन में लपेटकर गांव लाया गया। मृतका के घर पर सांत्वना देने के लिए तांता लगा रहा। बाद में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस ने कई संदिग्धों को लिया हिरासत में
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एसएसपी सदानंद दाते का कहना है कि जौरासी जबरदस्तपुर की वारदात को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया है।
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उसी लिहाज से हत्यारे तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत लगाई गई है। उन्होंने कहा कि जल्द आरोपी कानून की गिरफ्त में होगा।
मोदी बुक खोलेगी कंकाल का राज
खोपड़ी के कंकाल का पोस्टमार्टम करना आसान काम नहीं है। लेकिन मोदी बुक में इसका उल्लेख है। कंकाल नर का है या मादा का, उम्र कितनी है? इसके अलावा मौत कितने दिन पूर्व हुई है? इस तरह के तमाम सवालों के जवाब मोदी बुक में हैं।
बच्ची के कंकाल के पोस्टमार्टम से पहले भी दो डाक्टरों के पैनल को मोदी बुक के पेज पलटने पड़े। आम केस में पोस्टमार्टम करना मुश्किल नहीं होता। लेकिन कंकाल का पोस्टमार्टम करने के लिए डाक्टरों को मोदी बुक का सहारा लेना पड़ा।
क्या है मोदी बुक
फोरेसिंक मैडिसन की यह पुस्तक डॉ केएन मोदी द्वारा लिखी गई है। किताब में पीएम की तमाम बारीकियों का उल्लेख किया गया है। भिन्न प्रकार के शवों का पीएम करते हुए क्या-क्या ध्यान रखा जाए। यह सब उल्लेखित है। मेडिकल में इस किताब को मोदी बुक के रुप में जाना जाता है।