नाबालिग बेटी से बार-बार दुष्कर्म करता रहा पिता, फिर पत्नी ने उठया यह कदम
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बीती 28 फरवरी को निकटवर्ती गांव की आठवीं में पढ़ने वाली छात्रा के बाल विवाह के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। यहां बख स्थित किशोरी सदन में रह रही पीड़िता ने अपने पिता पर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।
उसका कहना है कि उसका पिता बार बार उसके साथ दुष्कर्म करता था। इसलिए उससे छुकारा पाने के लिए उसने शादी करने के लिए हामी भर दी। उसने बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों को लिखित रूप से यह जानकारी दी है। इसके बाद एसडीएम ऋचा सिंह ने पटवारी को बालिका के बयान लेने और उसका मेडिकल कराने के आदेश जारी किए।
पटवारी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बालिका के बयान दर्ज कर लिए हैं और बुधवार को उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने उसके गर्भवती होने की आशंका भी जताई है।
मालूम हो कि 28 फरवरी को निकटवर्ती गांव की 14 साल की लड़की का विवाह कर दिया गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने नाबालिग बालिका को ब्याह कर ले जा रहे लोगों और लड़की के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया था। तब से दूल्हा बनकर आए व्यक्ति समेत दोनों पक्षों के कई लोग जेल में ही बंद हैं।
पत्नी को भी बुरी तरह पीटा
न्यायालय के आदेश पर पीड़ित बालिका तब से राजकीय किशोरी सदन में रह रही है। इधर, बालिका ने बाल कल्याण समिति के सदस्यों को लिखित शिकायत की है कि उसके पिता ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
उसका कहना है कि पूर्व में यह बात उसने अपनी मां को बताई तो पिता ने मां के साथ भी मारपीट की और धमकी भी दी। उसने बाल विवाह के मामले में भी मां को निर्दोष बताया है। बालिका का कहना है कि पिता के उत्पीड़न से छुटकारा दिलाने के लिए ही मां ने उसकी शादी के लिए हामी भरी थी।
इधर, बाल कल्याण समिति की सूचना पर भनोली की एसडीएम ऋचा सिंह ने पटवारी नरेंद्र सिंह बिष्ट को बालिका के बयान लेने और मेडिकल जांच करवाने के आदेश दिए हैं। एसडीएम के आदेश के बाद मंगलवार को पटवारी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने किशोरी सदन में बालिका के बयान लिए।
उन्होंने बताया कि बालिका का बुधवार को मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। जांच के बाद पीड़िता के पिता के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इधर बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने पीड़िता के गर्भवती होने की आशंका भी जताई है, लेकिन इस बारे में मेडिकल जांच के बाद स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी