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चोर दीवार तोड़ते रहे, जवान सोते रहे

Fri, 13 Feb 2015 11:15 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 13 Feb 2015 11:15 AM IST
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crime loot in dehradun.

पुलिस गश्त और तलाशी अभियान के दावों के बीच राजधानी देहरादून में चोर बेखौफ हैं।

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बुधवार रात घंटाघर पर चोर मेहता वाच कंपनी के शोरूम की दीवार तोड़ते रहे और यहां से महज बीस कदम दूरी पर स्थित पिकेट में तैनात जवानों को भनक तक नहीं लगी। सिर्फ 40 कदम दूर स्थित धारा चौकी पुलिस को भी न हथौड़ों का शोर सुनाई दिया न शटर काटने की आवाजें।

वह तो दीवार तोड़ने, शटर काटने और चैनल गेट काटने के बाद चोर लोहे का दरवाजा तोड़ नहीं सके और चोरी किए बिना लौट गए, वर्ना दून पुलिस के लिए यह बेहद शर्मनाक स्थिति होती। हालांकि, सवालों के जवाब तो पुलिस पर अब भी भारी पड़ रहे हैं।
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तीसरी मंजिल से घुसे थे चोर
चोर मेहता वाच कंपनी के ठीक पीछे एमडीडीए पार्किंग की तरफ से आए। वहां एक बैंक के एटीएम की छत पर चढ़ने के बाद वे सीढ़ी के सहारे शोरूम की तीसरी मंजिल पर पहुंचे।
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दीवार तोड़ने के बाद चोरों ने शोरूम का शटर और चैनल गेट काट दिए, लेकिन लोहे के दरवाजे को नहीं तोड़ सके। दुकान के इस हिस्से में घड़ियों के खाली डिब्बे ही थे, ऐसे में चोरों के हाथ कुछ नहीं लग सका।

गेट खोला तो हुआ खुलासा
बृहस्पतिवार सुबह दुकान खुलने के कुछ देर बाद कर्मचारी आकाश तीसरी मंजिल पर गया। उसने लोहे का गेट खोला तो शटर और चैनल कटा, दीवार टूटी देख शोर मचा दिया। दुकान मालिक दीपक मेहता समेत कई व्यापारी भी वहां पहुंच गए। पुलिस भी आ गई। व्यापारियों ने पुलिस से चोरी की घटनाओं पर रोष जताया।

हर चोरी पर बढ़ाई सुरक्षा
मेहता वाच कंपनी में चोरी के प्रयास की यह तीसरी घटना है। दुकान मालिक दीपक मेहता ने बताया कि पहली चोरी 1998 में हुई, जिसमें डेढ़ लाख का सामान चोरी हुआ था। इसके बाद दूसरी वारदात 2006 में हुई, लेकिन चोर नाकाम रहे थे।

मेहता के मुताबिक चोरी की हर वारदात के बाद वे दुकान में सुरक्षा प्रबंध बढ़ाते गए। यही वजह है कि अब दुकान में शटर के बाद चैनल गेट और उसके आगे लोहे का भारी, मजबूत दरवाजा लगा है। बुधवार रात की वारदात इसी दरवाजे की वजह से टली।

सुलगते सवाल
- घटना के वक्त कहां थे घंटाघर पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मी?
- दीवार तोड़ते शोर हुआ होगा, जवानों ने क्यों नहीं सुना?
- एमडीडीए पार्किंग में असामाजिक तत्वों, चोरों के घुसने पर कौन रखे नजर?
- गश्ती दल सक्रिय हैं तो भागते वक्त चोर उसे नजर क्यों नहीं आए?
- घंटाघर में 15 दिन में यह दूसरी वारदात, पुलिस क्यों नहीं है गंभीर?
- शहर का सबसे व्यस्ततम क्षेत्र ही सुरक्षित नहीं तो बाकी का क्या हाल?

कैमरे में कैद नाबालिग
पुलिस सूत्रों के अनुसार बुधवार तड़के 04:10 बजे घंटाघर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में दो नाबालिग कैद हुए हैं। ये दोनोें बच्चे घंटाघर पर एमडीडीए पार्किंग की ओर से दर्शनलाल चौक की ओर निकले हैं। पुलिस जांच कर रही है कि कहीं इन बच्चों के सहारे ही मेहता वाच कंपनी में चोरी की कोशिश तो नहीं की गई।


जांच के निर्देश

घंटाघर पर चोरी की वारदात की यह कोशिश गंभीर है। घटना में शामिल बदमाशों का पता लगाया जाएगा। पास में ही पिकेट है तो यह लापरवाही ही मानी जाएगी। पुलिसकर्मियों पर दोष निर्धारण के लिए शहर क्षेत्राधिकारी को जांच के निर्देश दे दिए हैं।
-पुष्पक ज्योति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

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