शर्मनाकः सर्राफ को अगवा कर उत्तराखंड पुलिस ने लूटे 8 लाख
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उत्तराखंड पुलिस के सीपीयू के दो जवानों द्वारा हल्द्वानी स्थित काठगोदाम से सर्राफा व्यवसायी को अगवा कर उससे 7.94 लाख रुपए लूटने का शर्मनाक मामला सामने आया है।
आरोपी सीपीयू जवानों ने व्यवसायी से खुद को एसओजी की टीम का बताया था। व्यवसायी की शिकायत पर एसएसपी ने सीपीयू के दो जवानों, काठगोदाम थाने के सिपाही और एक सर्राफा व्यवसायी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। इस घटना से सीपीयू की वर्दी भी दागदार हो गई है।
बरेली के शास्त्रीनगर निवासी सर्राफा व्यवसायी अनूप अग्रवाल अपने चालक सुमित कुमार के साथ 17 सितंबर को तगादा के लिए अल्मोड़ा गए थे। लौटते समय काठगोदाम पुलिस चौकी के समीप एक वर्दीधारी सहित दो लोगों ने व्यवसायी की कार रोक ली।
खुद को एसओजी टीम का सदस्य बताते हुए उन्होंने कार को कब्जे में ले लिया। सर्राफा व्यवसायी का मोबाइल छीनने के बाद वे कार को हैड़ाखान रोड पर ले गए। सुनसान स्थान पर एक सिपाही भी खड़ा था। वहां पर कार रोकने के बाद खुद को एसओजी का बताने वाले दोनों लोगों ने व्यवसायी से 7.94 लाख रुपए लूट लिए।
CPU जवानों ने स्वीकार की लूट की घटना
इसके बाद कार को करीब पांच किलोमीटर चलाने के बाद छोड़ दिया। उन्होंने मोबाइल भी व्यवसायी को लौटा दिया। शुक्रवार को व्यवसायी ने हल्द्वानी आकर एसओजी प्रभारी को आपबीती बताई तो एसओजी प्रभारी ने स्टाफ के फोटो दिखाए लेकिन उनमें कोई शामिल नहीं था।
व्यवसायी ने काठगोदाम थाने जाकर सिपाही चंदर को पहचान लिया। सिपाही से थानाध्यक्ष संजय पांडेय ने पूछताछ की तो वह टूट गया। सिपाही ने कबूल किया कि एसओजी की टीम का सदस्य बताने वाले दोनों लोग सीपीयू के थे। उन्होंने ने ही लूटपाट की थी।
इसके एवज में उसे 50 हजार रुपए मिले थे। घटना की जानकारी पर एसएसपी सेंथिल अबुदई ने सीओ राजेंद्र सिंह ह्यांकी को अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। सिपाही की निशानदेही पर पुलिस ने सीपीयू के सब इंस्पेक्टर ललित देवड़ी, सिपाही गणेश सतवाल और मुखबिरी करने वाले पटेल चौक के सर्राफा व्यवसायी वीरेंद्र उर्फ रिंकू को हिरासत में ले लिया।
सीपीयू जवानों ने स्वीकार किया कि उन्हें सवा-सवा लाख रुपए मिले थे। मुखबिरी करने वाले व्यवसायी वीरेंद्र ने 4.94 लाख रुपए लिए थे। इस मामले में पीड़ित सर्राफा व्यवसायी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों पर धारा 394,342,120बी और 411 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।