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चोरी की लाइव परीक्षा में पुलिस की खुली पोल,फंसे अपने ही जाल में

Tue, 01 Mar 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 01 Mar 2016 11:05 PM IST
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city police are not alert.

शहर की पुलिस कितनी चौकन्नी है इसकी पोल मंगलवार को सबके सामने खुल गई। चोरी को लेकर कंट्रोल रूम पर आई सूचना के हिसाब से हुई लाइव परीक्षा में पुलिस की पोल पट्टी खुल गई।

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इस परीक्षा से मालूम चला कि अधिकतर वारदातों में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर थाना और चौकी प्रभारी ने मौके पर जाने तक की जहमत नहीं उठाई।

पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने थाना प्रभारियों का पक्ष जानने के बाद सीधे फोन पर पीड़ितों से बात की तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।

रिपोर्ट दर्ज न करने के आरोप में एसओ रायपुर ओमबीर रावत को हटाकर तत्काल प्रभाव से उन्हें रुद्रप्रयाग स्थानांतरित कर दिया। डोईवाला, शहर कोतवाल और प्रेमनगर एसओ समेत कई थाना प्रभारियों को फटकार लगाई।
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चोरी की घटनाओं के लिए अब स्पेशल रजिस्टर बनेगा, जिसमें अपराध के तरीके के साथ फिंगरप्रिंट उठाने, सीओ और अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा मुआयना किए जाने का भी कॉलम होगा।
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मानवाधिकार आयोग ने चोरी की घटनाओं को लेकर प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक से कड़ी नाराजगी जताई थी। इसी परिप्रेक्ष्य में मंगलवार को आईजी संजय गुंज्याल ने थाना प्रभारियों के साथ बैठक की।

समीक्षा के दौरान चोरी के कई ऐसे मामले पकड़ में आए, जिनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हुई। थाना और चौकी प्रभारी घटनास्थल तक भी नहीं गए। कई घटनाओं में पुलिस मौके पर तो जरूर गई, लेकिन अभियोग दर्ज नहीं किए।

आईजी ने एसओ का तर्क सुनने के बाद पीड़ितों को फोन मिलाकर सीधे बात की, जिसमें पुलिस की रिपोर्ट दर्ज न करने की मनमानी उजागर हुई।

26 फरवरी को सहस्त्रधारा रोड के नव विहार में बिल्डर के आफिस से एलईडी चोरी की रिपोर्ट दर्ज न करने पर एसओ रायपुर ओमबीर रावत को तत्काल प्रभाव से रुद्रप्रयाग स्थानांतरित कर दिया गया।

इसके अलावा प्रेमनगर और डोईवाला थाना प्रभारियों को चोरी की वारदातों के अनावरण के लिए 15 दिन का समय दिया गया। कई मामलों की जांच एसपी यातायात धीरेंद्र गुंज्याल को सौंपी गई है, ताकि पूरा सच सामने आ सके।


एसपी सिटी अजय सिंह से थाना प्रभारियों के अपराध छिपाने के संबंध में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। भविष्य में चोरी की घटनाएं छिपाने वाले थाना और चौकी प्रभारियों के खिलाफ निर्देश दिए गए।

एसएसपी सदानंद दाते, एसपी सिटी अजय सिंह, एसपी देहात टीडी बेला, एसपी ट्रैफिक धीरेंद्र गुंज्याल आदि मौजूद रहे।  
मीडिया को बताई, दर्ज नहीं की रिपोर्ट
रायपुर एसओ ओमबीर रावत अपने ही जाल में फंस गए। रावत ने खुद ही बिल्डर के आफिस में चोरी होने की बात फोन कर मीडिया को बताई थी।

चोरी में सिर्फ एलईडी जाने का जिक्र किया था, जबकि अभियोग दर्ज करने में हीलाहवाली उन पर भारी पड़ गई।

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